सत्यम ग्राम न्यूज़,राजापाकर(वैशाली) आकाशचंद्र वर्मा। राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति के साथ कुल देवता की पूजा संपन्न हुई। इस पारंपरिक पूजा को स्थानीय भाषा में सावनी घड़ी या बुधवारी के नाम से जाना जाता है। हालांकि यह पूजा मुख्यतः बुधवार को की जाती है, लेकिन कई परिवार इसे शनिवार अथवा भाद्रपद मास में भी श्रद्धा भाव से संपन्न करते हैं।
पूजा के दिन पति-पत्नी उपवास रखते हैं और देर शाम कुल देवता की विधिवत पूजा करते हैं। पूजा में सोखा बाबा, कालीबंदी जैसे कुल देवताओं की विशेष आराधना की जाती है। पूजा के लिए खासतौर पर गेरूआ से देव स्थान को सजाया जाता है, जो माली समुदाय द्वारा तैयार किया जाता है।
प्रसाद में रोट और बिना चीनी की खीर चढ़ाई जाती है। दीप प्रज्वलित कर वातावरण को पावन बनाया जाता है। पारिवारिक सदस्य ही प्रसाद ग्रहण करते हैं, जबकि इष्ट-मित्रों को विशेष रूप से बनाए गए व्यंजन परोसे जाते हैं।
इस आयोजन में स्थानीय लोगों ने श्रद्धा व आस्था के साथ भाग लिया और कुलदेवता की कृपा की कामना की। यह पर्व सामाजिक एकता और पारिवारिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक है।
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Author: AKASH CHANDRA VERMA
ब्यूरो चीफ, वैशाली