विद्यालय में पोषण आहार और रखरखाव राशि में गड़बड़ी, अभिभावकों ने की कठोर कार्रवाई की मांग

 

सत्यम ग्राम न्यूज़ पटना/वैशाली। जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत बस्ती सरसिकन पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय किशुनपुर तेलौर (दक्षिणी एवं उत्तरी) में गंभीर अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है।

अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य सुधार और कुपोषण निवारण के लिए दिए जाने वाले प्रोटीन युक्त आहार (केला, सेव और अंडा आदि) को विद्यालय के शिक्षक और रसोईया अपने घर ले जाकर व्यक्तिगत उपयोग में कर रहे हैं।

इस कारण विद्यालय के बच्चे सरकार की इस कल्याणकारी योजना से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय रखरखाव (Maintenance) मद में हर वर्ष जो राशि आती है, उसका भी जमीनी स्तर पर सही उपयोग नहीं हो रहा है। विद्यालय भवन की मरम्मत, सफाई, रंग-रोगन, शौचालय और पेयजल व्यवस्था जैसे काम केवल कागज़ों पर दिखाए जाते हैं जबकि हकीकत में कार्य नहीं कराया जाता।

इस मामले में बिहार प्रदेश अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन, अमरजीत कुमार यादव ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग बी.राजेंदर को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में संबंधित अधिकारियों से अपील की गई है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी शिक्षक और रसोईया पर आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही रखरखाव राशि के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नियमित व पारदर्शी ढंग से प्रोटीन आहार और विद्यालय सुविधाएं उपलब्ध हों।

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा सरकारी वस्तु/धन का दुरुपयोग), 420 (धोखाधड़ी), 120B (षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(d) का हवाला दिया गया है।

अभिभावकों ने जिला पदाधिकारी वैशाली, जिला शिक्षा पदाधिकारी हाजीपुर, अनुमंडल पदाधिकारी महुआ और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी चेहराकलां को भी प्रतिलिपि भेजी है।

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AKHILESH KUMAR
Author: AKHILESH KUMAR

Editor in Chief