मेडिकल बोर्ड की जांच में खुलासा—नियुक्ति के समय जमा दिव्यांगता प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए, विभागीय कार्रवाई शुरू।

हाजीपुर (वैशाली)। सत्यम ग्राम न्यूज़। वैशाली जिले में दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर हुई शिक्षक नियुक्तियों की जांच में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रविन्द्र कुमार ने अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी कर जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत एक प्रधान शिक्षक एवं चार विद्यालय अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मेडिकल बोर्ड की जांच में सामने आई वास्तविकता
जिला पदाधिकारी, वैशाली के निर्देश पर असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड के समक्ष संबंधित शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में नियुक्ति के समय प्रस्तुत प्रमाण पत्रों में दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत और मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्धारित वास्तविक प्रतिशत में गंभीर अंतर पाया गया। कुछ मामलों में दिव्यांगता का प्रतिशत निर्धारित सीमा से काफी कम मिला, जबकि एक मामले में दिव्यांगता 0 प्रतिशत पाई गई।
निलंबित शिक्षकों की सूची
शिक्षक| पद एवं विद्यालय| प्रखंड| नियुक्ति के समय दावा| मेडिकल बोर्ड की जांच
• मो. नौशाद आलम| प्रधान शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय बीरोपुर| हाजीपुर| 90%| 40%
• सोनू कुमार| विद्यालय अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर बखरी| राजापाकर| —| 0%
• एकता तिवारी| विद्यालय अध्यापक, नवप्राथमिक विद्यालय धनुषी हरिजन टोला| लालगंज| 90%| 40%
• वशिष्ठ कुमार| विद्यालय अध्यापक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय खिरखावां| भगवानपुर| 40%| 8%
• लाला कुमार| विद्यालय अध्यापक, मध्य विद्यालय दाउदनगर चकगढ़ो| बिदुपुर| 45%| 22%
वेतन वसूली और विभागीय कार्रवाई
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति औपबंधिक (Provisional) शर्तों के अधीन हुई थी। यदि नियुक्ति के आधार बने दस्तावेज गलत अथवा असत्य पाए जाते हैं, तो नियुक्ति रद्द करने के साथ-साथ अब तक दिए गए वेतन की वसूली बिहार एवं उड़ीसा पब्लिक डिमांड रिकवरी अधिनियम, 1914 के तहत की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रचलित नियमों के अनुसार अन्य विधिक एवं विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
सभी मामलों में विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), वैशाली को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान सभी शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, देसरी का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई उन मामलों पर आधारित है जिनमें मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में नियुक्ति के समय प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण पत्रों और वास्तविक चिकित्सीय परीक्षण के बीच गंभीर विसंगतियां सामने आईं। विभाग का कहना है कि अंतिम निर्णय विभागीय जांच एवं नियमानुसार आगे की कार्रवाई के बाद लिया जाएगा।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief