
पातेपुर (वैशाली)। श्री रामचंद्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पातेपुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध निकासी और विद्यालय प्रबंधन से जुड़ी शिकायतों के मामले में शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया को और गंभीरता से आगे बढ़ाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी, वैशाली ने सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या REF750517 के मद्देनजर पूर्व में गठित जांच समिति को विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मामले में शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जा रहा है।
सहयोग पोर्टल की शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग की कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में उल्लेख है कि 20 अगस्त 2026 को सहयोग पोर्टल के माध्यम से रामचंद्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पातेपुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पत्र में यह भी दर्ज है कि पूर्व में प्राप्त शिकायत के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की जा चुकी है। समिति को विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों की जांच कर अपना जांच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
शिकायतकर्ता ने मीडिया के माध्यम से धमकी दिए जाने की भी शिकायत
शिकायतकर्ता की ओर से विभाग को यह भी अवगत कराया गया था कि विद्यालय से संबंधित शिकायत किए जाने के बाद मीडिया के माध्यम से शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने और प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है।
शिकायतकर्ता ने इस संबंध में भी सहयोग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। जिला शिक्षा पदाधिकारी के ताजा पत्र में इस शिकायत का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पूर्व में गठित जांच समिति को 15 दिनों के अंदर विद्यालय के सभी वित्तीय अभिलेखों की जांच कर स्पष्ट जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2023-24 से अब तक के लेन-देन की होगी जांच
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार गठित तीन सदस्यीय समिति को विद्यालय के वित्तीय वर्ष 2023-24 से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन की गहन जांच करनी है।
जांच के दायरे में मुख्य रूप से—
– बैंक स्टेटमेंट,
– कैशबुक,
– बिल एवं वाउचर,
– रोकड़ पंजी,
– विद्यालय के विभिन्न वित्तीय कोषों से संबंधित अभिलेख,
– तथा अन्य संबंधित वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं।
समिति को इन अभिलेखों का मिलान कर अपना स्पष्ट मत सहित विस्तृत जांच प्रतिवेदन 15 दिनों के भीतर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
पहले की संयुक्त जांच में भी सामने आए थे अभिलेख संबंधी सवाल
इससे पहले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, पातेपुर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, पातेपुर की संयुक्त जांच में विद्यालय से कई अभिलेख मांगे गए थे। उपलब्ध जांच प्रतिवेदन में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक पंजी अद्यतन नहीं होने तथा 31 दिसंबर 2023 के बाद बैठक नहीं होने का उल्लेख किया गया था।
जांच में विद्यालय के सभी कोषों की कैशबुक एवं पासबुक उपलब्ध नहीं होने की बात भी दर्ज की गई थी। वहीं FLN किट से संबंधित अभिलेख में 672 छात्र-छात्राओं को किट वितरित किए जाने की प्रविष्टि दर्ज होने की बात सामने आई थी, जबकि कुल प्राप्ति का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया।
प्रभार को लेकर भी पहले जारी हो चुका है विभागीय आदेश
मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने इससे पहले 11 मई 2026 के आदेश के माध्यम से विद्यालय में पदस्थापित लिपिक को नामांकन पंजी, वित्तीय पंजी और अन्य लिपिकीय कार्यों का संपूर्ण प्रभार सौंपने का निर्देश दिया था।रामचंद्र विद्यालय में वित्तीय जांच तेज, तीन सदस्यीय समिति अब
बाद में प्रभार हस्तांतरण को लेकर 27 जून 2026 को प्रभारी प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। विभागीय पत्र में आदेश के अनुपालन में कमी को गंभीरता से लेते हुए जवाब मांगा गया था।
आरोपों को गलत बताने का भी दावा
दूसरी ओर, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों को गलत एवं निराधार बताया गया है। उनके पक्ष की ओर से शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, किसी भी पक्ष के आरोप अथवा दावे को जांच पूरी होने तक अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। अब शिक्षा विभाग की जांच समिति की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि वित्तीय अभिलेखों में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
15 दिनों की जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
शिक्षा विभाग ने जांच समिति को निर्धारित समय में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। ऐसे में अब वर्ष 2023-24 से अब तक के वित्तीय लेन-देन की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनने वाली है।
यदि जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं आरोप प्रमाणित नहीं होने की स्थिति में शिकायत के संबंध में अलग निष्कर्ष सामने आ सकता है।
सत्यम ग्राम न्यूज़ शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए मामले में उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों के आधार पर यह रिपोर्ट प्रकाशित कर रहा है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। संबंधित विद्यालय प्रबंधन अथवा अन्य पक्ष का विस्तृत आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में उचित स्थान दिया जाएगा।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief