
सत्यम ग्राम न्यूज़ ,वैशाली : जिले के गोरौल प्रखंड के चांदपुरा वाले मलंग बाबा हर किसी की मुरादें पूरी करते हैं। यहां आने वाले भक्त श्रद्धालुओं को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता। हर वर्ष शरद पूर्णिमा के दिन न केवल जिला बल्कि बिहार और दूसरे प्रांतों के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में यहां आकर बाबा की पूजा-अर्चना कर बाबा का अनुग्रह प्राप्त करते हैं।
चांदपुरा वाले बाबा मलंग की महिमा अपरंपार है। बाबा ने अपने भक्तों के दामन खुशियों से भर देते हैं। यही कारण है कि बाबा के दरबार में हाजिरी देने समस्तीपुर , बेतिया ,मुजफ्फरपुर , गोपालगंज , नेपाल, यूपी, बंगाल, असम आदि प्रांतों से भी भारी संख्या में भक्त श्रद्धालु पहुंचते हैं।
जो भी व्यक्ति दिल से बाबा से मन्नतें मांगते हैं उनकी मुरादें अवश्य पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने पर भक्त बाबा मलंग का दर्शन पूजन करने और मन्नत उतारने जरूर पहुंचते हैं।मलंग बाबा की देखरेख के लिए समिति का गठन किया गया है जिसकी देखरेख में विकास कार्य किये जाते हैं। मलंग स्थान के सुधीर झा , उमेश झा ,प्रतिदिन पूजा-अर्चना कराते हैं। वहीं उसी जगह मीना बाजार का मेला भी शरद पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष लगता है।
यह दो दिवसीय मेला 17 एवं 18 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। मेला समिति की ओर से बाहर से आने वाले दुकानदारों की सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी , थाना अध्यक्ष , भी मेला की विधि-व्यवस्था पर पैनी नजर रख रहे हैं।
नई गाड़ियों की पूजा कराने दूर-दूर से आते वाहन मालिक |
जिस तरह पूरे उत्तर बिहार समेत अन्य प्रांतों के पशुपालक बाबा बसावन की पूजा अर्चना करने पानापुर लंगा आना नहीं भूलते। ठीक वैसे ही बिहार ही नहीं दूसरे प्रांतों के वाहन मालिक नयी गाड़ी खरीदने के बाद गाड़ी का पूजा कराने यहां आना नहीं भूलते। लोगों का विश्वास है यहां पूजा कराने के बाद गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त नहीं होती। यहां आये दिन नयी-नयी ट्रक, बस बोलेरो सहित अन्य गाड़ियां पूजा के लिए कतार में खड़ी रहती है।
मलंग स्थान पर बना भव्य मंदिर|
मंदिर के पुजारी सुधीर झा कहते हैं कि प्रखंड क्षेत्र के लोदीपुर गांव निवासी हरिहर साह को बाबा मलंग ने स्वपन देकर विशाल पीपल के वृक्ष नीचे उनकी मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया था। बाबा के निर्देश पर स्व. साह ने निर्दिष्ट स्थान पर बाबा का भव्य विग्रह स्थापित कर दिया। बाबा के भक्तों ने इस स्थान पर योगी बाबा के साथ ही भगवान विष्णु, भगवान शिव की शिवलिंग, बजरंगबली, मां संतोषी व रामलल्ला के साथ जगत जननी की प्रतिमा स्थापित की है।
मलंग स्थान का है अनोखा इतिहास|
प्रसिद्ध और जागृत यह स्थान गोरौल प्रखंड के चांदपुरा गांव में स्थित है। यह स्थान गोरौल चौक से कटहरा, मथना , जाने वाली मुख्य मार्ग में स्थित है। कहते हैं यह मार्ग पहले निर्जन हुआ करता था। मुख्य मार्ग होने के कारण लोग इसी रास्ते से होकर आते-जाते थे। यहां गोरौल चीनी मिल चालू होने के कारण ईख उत्पादक किसान और व्यापारी इसी रास्ते से बैलगाड़ी, घोड़ा से आते जाते थे। यह सड़क उस वक्त कच्ची थी रात में सड़क पर आवागमन बंद हो जाता था। कारण कि रात में मार्ग से गुजरने वाले लोगों से लूट-पाट की घटना ज्यादा होती थी। कोई यात्री या राहगीर जब किसी संकट में फंस जाता था तो बाबा मलंग प्रकट होकर संकट ग्रस्त लोगों की सहायता करते थे। उनके खराऊं की खट-खट की आवाज सुनकर ही चोर भाग खड़े होते थे।
मुगल काल से लग रहा यहां मेला|
कहा जाता है कि मुगलों के शासन काल से यहां मेला लगता आ रहा है। मूर्ति पूजा के विरोधी कई मुगल शासकों को भी बाबा के आगे सिर झुकाना पड़ा। मलंग बाबा की महिमा से नतमस्तक किसी मुगल शासक ने ही शरद पूर्णिमा को लगने वाले मेले का नामाकरण, मीना बाजार मेला कर दिया जो आज भी इसी नाम से जाना जाता है।
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रिपोर्ट : प्रकाश वर्मा,सत्यम ग्राम न्यूज़ नेटवर्क