
मुख्य संपादक अखिलेश कुमार, सत्यम ग्राम न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट
बिहार /पटना : लोकसभा चुनाव मे एनडीए ने रालोजपा सुप्रीमो पशुपति पारस को लोकसभा मे उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं दिया गया। एनडीए ज़ब सीट शेयरिंग का आधिकारिक घोषणा करते हीं रालोजापा सुप्रीमो पशुपति पारस को पैर तले जमीन खिसक गई। गौरतलब हो की बिहार मे लोकसभा की ४० सीट हैँ सीट शेयरिंग का फार्मूला तय हुआ की भाजपा १७ सीट, जदयू १६ सीट, लोजपारा ५ सीट, हम पार्टी को १ सीट एवं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी नामांकरण चुनाब आयोग -राष्ट्रीय लोक मोर्चा,पुराना नाम राष्ट्रीय लोक जनता दल को १ सीट दिया गया.। इस तरह बिहार के चालीस लोकसभा की सीट का बटवारा हो गया एनडीए गठबंधन का हिस्सा रालोजपा सुप्रीम में पशुपति पारस भी थे वर्तमान में उनके पार्टी के पांच सांसद है वह खुद केंद्रीय मंत्री थे एनडीए के द्वारा उचित सम्मान नहीं दिए जाने पर वह अपना इस्तीफा केन्डीय मंत्री पद से दे दिए अब नये गठबंधन की तलाश मे हैँ हलाकि इण्डिया गठबंधन उनको सम्मान देने को तैयार हैँ, अगर पारस बात मान जाते हैँ तो हाजीपुर लोक सभा (सु.)सीट से इंडिया गठबंधन के उमीदवार बन सकते हैँ। अगर ऐसा हुआ तो चिराग को कड़ी टक्कर दे सकते हैँ। हलाकि बिहार मे कोई भी चुनाव हो उसमे जाति प्रथा हावी रहता हैँ। उस समीकरन पर देखा जाए तो इण्डिया गठबंधन मे यादव, मुस्लिम, महादलित एवं अन्य कुछ छिटपुट जाति शामिल रहते हैँ, वही एनडीए गठबंधन मे ब्रम्हाण,भूमिहार, राजपूत, कोइरी, कुर्मी,दलित एवम अन्य छिटपुट जाति का शामिल रहते हैँ। इस परिस्थिति पर ध्यान दिया जाए तो इण्डिया गठबंधन से एनडीए गठबंधन भाड़ी पड़ता दिख रहा हैँ अगर पारस इंडिया गठबंधन का हिस्सा होता हैँ तो चिराग के पार्टी को कुछ नुकसान दिखाई पड़ता हैँ. इस तरह से देखा जाए तो एनडीए गठबंधन को थोड़ा नुकसान होने की संभावना बन सकता है।
Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief