जिला विधिक सेवा प्राधिकार हाजीपुर द्वारा विधि जागरुकता शिविर का हुआ आयोजन।

सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो, वैशाली : राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार व्यवहार न्यायालय हाजीपुर वैशाली के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ओम प्रकाश सिंह एवं जिला अवर न्यायाधीश सह सचिव राजेश कुमार के द्वारा मिले निर्देश के आलोक पैनल अधिवक्ता श्री विनोद कुमार सिंह एवं विधिक सेवक पंकज कुमार के नेतृत्व में राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के कर्णपुरा ,रामपुरानी,  मीरपुर पताढ, मे विधि जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

जिसमें लोगों को किन्नर को पुनर्वास एवं उनको मिलने वाले न्याय के संबंध में विशेष रूप से लोगों को जागरूक किया गया।पीएलबी पंकज कुमार के द्वारा बताया गया कि न्यायालय में मुकदमों की संख्या अधिक होने के कारण शीघ्र एवं सस्ता न्याय मिलना बहुत कठिन हो गया है।संविधान के अनुच्छेद 39-क में हर नागरिक को समानता के आधार पर न्याय प्रदान करने की बात की गई है।

जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति आर्थिक या किसी अन्य कारण से न्याय से वंचित नहीं रह सकता है. और नागरिक को समान अवसर के साथ-साथ आसानी से न्याय भी उपलब्ध होना चाहिए।इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 1987 में विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम का गठन किया गया।जिसमे सरकारी खर्च पर वकील की सुविधा, कोर्ट फीस एवं उनकी फीस के लिए खर्च, अभिलेखों का नकल या पेपर बुक तैयार करने का खर्च, गवाहों को आने जाने का खर्च इत्यादि सुविधा हैं।

गांव में चल रहे बिहार सरकार की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री वृद्ध पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना,कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना , केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना, गरीब कल्याण अन्य योजना के तहत परिवार के हर व्यक्ति को 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज, उज्ज्वला योजना के तहत हर गरीब परिवार को मुफ्त गैस कनेक्शन तथा  नालसा की योजनाएं तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण, बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं,आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण

प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाए, संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लिए विधिक सेवाएं, मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं, नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं, तेजाब हमला के लिए विधिक सेवाएं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवा,आपदा पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं इत्यादि सेवा के बारे में भी लोगो को बताया  गया।

आगामी 13 जुलाई को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा गया कि यहां उभय पक्षों के विवाद को सहमति एवं समझौता के आधार पर निस्तारित किया जाता है।लोक अदालत के द्वारा पारित एवार्ड सिविल कोर्ट की डिग्री या अन्य न्यायालय के आदेश के बराबर समझ जाते है। विवाद के सभी पक्षकारों पर बाध्यकारी है एवार्ड की विरुद्ध कोई अपील नहीं होती।

लोक अदालत में हर प्रकार के दीवानी मामलों तथा संधि योग फौजदारी मामलों का निस्तारण होता है। साथ ही साथ N.I.Act 138 की धारा, धन वसूली वाद, श्रम विवाद,भरण पोषण मामला, भूमि अधिग्रहण मामला,वेतन भत्ता सेवानिवृत्ति से संदर्भित लाभ लोक अदालत माध्यम सुलह किया जाता है।

कार्यक्रम पंचायत के मुखिया पति धीरेंद्र कुमार मिश्रा, सरपंच पति रविंद्र राय उर्फ भगत जी, प्रमोद शुक्ला वार्ड सदस्य,कोमल कुमारी, मानसी कुमारी,रानी कुमारी, विनोद मांझी,शोभा देवी,शीला देवी अंगद मिश्रा एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित हुए।