तीन नए आपराधिक कानून के विरोध में भाकपा माले ने निकाला प्रतिवाद मार्च|


सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो , वैशाली : नया आपराधिक कानून 2023 एक जुलाई 2024 से लागू हो गया है औपनिवेशिक काल से भी ज्यादा दमनकारी इस नए अपराधिक कानून के खिलाफ भाकपा माले के देशव्यापी प्रतिवाद दिवस के आह्वान पर राजापाकर के शनिचरहाट पर माले कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकालकर सभा किया।

सभा को भाकपा माले जिला सचिव विशेश्वर प्रसाद यादव, प्रखंड सचिव सुमन कुमार, राम बहादुर सिंह, महताब राय, प्रेम माझी, अजय राम, मोहम्मद इदरीश मंसूरी, मोहम्मद सोहराव, रवि राय, मिंटू राय, आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि यह नया आपराधिक कानून विपक्ष के 146 सांसदों के निलंबन के बाद बिना बहस मुंहावसे के सदन से पास करवाया गया, इसके प्रारूप पर जनता की राय नहीं मांगी गई। इस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया। देश के गृह मंत्री ने पहले से ही मनमानी कर रही पुलिस को असीमित अधिकार देने जन अधिकारों के दमन वाला यह कानून विपक्ष की अनुपस्थिति में बना डाला है।

अब प्राथमिकी की दर्ज करना पुलिस की मर्जी है। 15 दिनों की बजाय किसी आरोपी को 90 दिनों तक पुलिस रिमांड पर रख सकती है। थर्ड डिग्री का यातना देकर झूठे आरोप को भी स्वीकार करने के लिए मजबूर कर सकती है। जनता की एकता बनाने, मांगो के समर्थन में धरना जुलूस करने को भी संगठित अपराध की श्रेणी में लाकर आतंकवादी कृत घोषित कर तीन साल तक जमानत की प्रक्रिया से अलग रख सकती है। मांग के समर्थन में अनशन करने को अजमानतीय अपराध किस श्रेणी में ला दिया गया है। नेताओं ने तत्काल नया आपराधिक कानून को रोक कर देश के बुद्धिजीवियों, न्यायविदों, वकीलों, का राय आमंत्रित करने तथा संसद में बहस करवा के आवश्यक सुधार करने की मांग की है। नेताओं ने कहा कि इस नए अपराधी कानून को यदि फिलहाल नहीं रोका गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।