पत्रकारों की स्वतंत्रता होना देश के लिए फायदेमंद।

SARAN/ सोनपुर प्रखंड क्षेत्र के पत्रकारों ने नमामि गंगे घाट पर उपस्थित होकर प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार को अनुमंडल पत्रकार संघ के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह के अध्यक्षता में पत्रकार अभय कुमार सिंह,पत्रकार संजीत कुमार,सुनील यादव ,बिपिन कुमार सिंह,चुन्नू सिंह , वैभव कुमार,गौतम कुमार,सतीश कुमार राय,अजय कुमार ,नीरज कुमार ने विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी-अपनी वाणी से प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपना विचार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम का संचालन पत्रकार संजीत कुमार ने किया ।पत्रकार संध के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि विश्व प्रेस स्‍वतंत्रता दिवस 3 मई को प्रति वर्ष मनाया जाता है। दुनिया में खबरें पहुंचाने का सबसे बेहतरीन माध्यम प्रेस है। विश्व भर में प्रेस की स्वतंत्रता रखने का मुख्य उद्देश्य सरकार के कार्यप्रणाली व जनता के समस्याओं व उनके अधिकारों के मह‍त्व के प्रति जागरूकता फैलाना है।भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से सुनिश्चित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आजादी दिलाने में पत्रकारों के अहम भूमिका रही है।

आजादी दिलाने के लिए जहां देश भक्तों ने एक और अंग्रेजों के विरुद्ध हथियारों का प्रयोग करते थे तो दूसरी तरफ पत्रकारों ने अपने कलाम की बदौलत अंग्रेजों को भारत छोड़ने को बाध्य कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ,प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू,राजा राम मोहन राय ,अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोग कलम के सिपाही थे । वर्तमान परिस्थितियों की बात करें तो आजाद भारत के रहनुमाओं ने आजादी के 76 वर्ष के बाद भी पत्रकारों के दर्द एवं उनके आर्थिक स्थिति के मजबूती के लिए कोई सार्थक पहल नहीं की है जिसके कारण देश के अधिकांश पत्रकारों के स्थिति दयनीय है। ऐसे में भारत सरकार से मांग किया है कि पत्रकारों के सुरक्षा सुविधा और पत्रकारों के साथ जो अत्याचार हो रहा है उसे पर अंकुश लगाने की जरूरत है तभी यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों की स्वतंत्रता कलाम की होनी चाहिए तभी देश राज्य और समाज विकसित हो सकता है। पत्रकार अभय कुमार सिंह ने कहा किमानवीय मूल्यों की रक्षा करना पत्रकारिता का धर्म है।

राष्ट्र के निर्माण में मीडिया की अहम भूमिका होती हैं ।वर्तमान समय में मीडिया बन्धुओं पर अत्याचार करने और उनके क़लम पर पावंदी लगाने से देश के लिए ठीक नहीं है।पत्रकारों की स्वतंत्रता कहीं न कहीं बाधित है जिसके कारण आये दिन पत्रकारों पर हमला होता है जो चिंता का विषय है।पत्रकार और मीडिया कहीं भी स्वतंत्र नज़र नही आती है । जबकि प्रेस की स्वतंत्रता मज़बूत लोकतंत्र की आधारशिला है। भारत में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की जरूरत है तभी देश के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार सुरक्षित रहकर अपनी कलम से सत्य निष्ठा के साथ कार्य कर सकता है ,जो देश के लिए जरूरी है।


वही पत्रकार संजीत कुमार ने कहा प्रेस किसी भी समाज का आईना होता है। प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है।भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता एक मौलिक जरूरत है।
कलम के सिपाही चाहे वह प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या शोशल मीडिया हो जो भी देश ,राज्य,समाज को आईना दिखावें उन्हें सुरक्षा,सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व बनता है। कलम के सिपाहियों के उनके कलम पर अंकुश लगाना व भरस्टाचार के बढ़ावा देना देश हित के लिए खतरा है । आए दिन पत्रकारों पर होने वाले हमलों से उनके रक्षा करके जान गंवा देने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह दिन महत्वपूर्ण है।


प्रभात रंजन ने कहा कि प्रेस और मीडिया हमारे आसपास घटित होने वाली घटनाओं से हमें अवगत करवा कर हमारे लिए खबर वाहक का काम करती हैं, यही खबरें हमें दुनिया से जोड़े रखती हैं। प्रेस की आजादी और समाचारों को लोगों तक पहुंचाकर, सशक्त हो रहे मीडिया कर्मियों का व्यापक विकास करना अति महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी कहा जाता हैं, लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारिता करना एक बहुत जोखिम भरा पेशा बन चुका है। अत: दुनियाभर में आए दिन पत्रकारों पर जानलेवा हमले होते हैं और वे अपनी जान तब गवां बैठते है। अत: मीडिया के महत्व और पत्रकारिता के पेशे के खतरों को देखते हुए सरकार को पत्रकारों के सुरक्षा,सुविधा,सहायता और पत्रकारों पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश लगाना एवं पत्रकारों के हर सुविधा उपलब्ध करते हुए उनके लेखनी को मजबूत बनाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है तभी देश प्रगति की ओर बढ़ेगी । इस मौके पर समाजसेवी लाल बाबू पटेल ,भाजपा नेता मुकेश सिंह, रवि रंजन सिंह, विकास कुमार , हरेंद्र कुमार , शिक्षक राजू सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।

AKHILESH KUMAR
Author: AKHILESH KUMAR

Editor in Chief