
किसान अपने खेत मे लगे मक्के के बाली क़ो दिखाते हुए।
सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो, वैशाली : खेतों में लगे मक्का के पौधो की बाली में नहीं निकला दाना। प्रकृति के कहर से किसानों के बीच छाई मायूसी।अत्यधिक गर्मी और तापमान ज्यादा होने के कारण मक्का के पौधे में बाल निकला मगर दाना नहीं हुआ । उक्त बातें राजापाकर निवासी किसान सह सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार ने बताया कि मेहनत और अत्यधिक खर्च के बाद भी जब फसल नहीं होता है तो किसानों पर दोहरी मार झेलनी पड़ती है । खाद बीज की महंगाई और मौसम का मार किसानों के लिए मौत का कारण बन जाता है । सरकार और बीज कंपनी वाले सही जानकारी किसानों को नहीं दे पाते हैं जिसके कारण यह हालात उत्पन्न हो जाता है । खाद बीज कंपनी वाले तो पैसा कमा लेते हैं धोखा तो किसानों के साथ हो जाता है । स्थानीय किसानों में अनरजीत कुमार, राजेश्वर सिंह, जुलम सिंह, अजय सिंह, बैजू सिंह, रणजीत सिंह ने भी बताया लगभग तीन एकड़ में हम लोगों ने मक्का का खेती किया है। मेहनत के अनुसार खेतों में उगे पौधे और उसकी हरियाली देखकर हम लोग गदगद थे कि हमारी मेहनत रंग लाएगी। लेकिन मायूस उस वक्त होना पड़ा जब पौधे में बाली निकली और उसमें एक भी दाना नहीं निकला।यह देखकर हम लोग मूर्छित हो गए।मेहनत और खर्च पर पानी फिर गया।मक्का का खेती समाप्त हो गया। जिससे हम सभी को आर्थिक क्षति सहन करना पड़ रहा है।इन किसानों ने आर्थिक क्षति की भरपाई के लिए जिला अधिकारी वैशाली से मुआवजे की मांग किया हैं ।