मादक पदार्थों का नशा : मस्तिष्क को अनियंत्रित करने वाला घातक जहर।

सत्यम ग्राम न्यूज़ | विशेष संवाददाता : नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस (26 जून 2026) के अवसर पर समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। लेखक डॉ. प्रितम भि. गेडाम ने अपने लेख में कहा है कि नशा सबसे पहले मानव मस्तिष्क पर हमला करता है और व्यक्ति की सोचने-समझने, निर्णय लेने तथा सही-गलत में अंतर करने की क्षमता को कमजोर कर देता है।

लेख के अनुसार नशे की लत व्यक्ति को धीरे-धीरे अपराध, हिंसा, आर्थिक संकट और पारिवारिक विघटन की ओर धकेल सकती है। चोरी, लूट, घरेलू हिंसा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के पीछे कई बार नशे की भूमिका सामने आती है। इसके साथ ही मादक पदार्थ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे गंभीर बीमारियाँ और असमय मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 17 से 26 जून 2026 तक ‘नशा मुक्त सप्ताह’ मना रहा है। इस वर्ष की थीम है — “वैश्विक स्तर पर ड्रग समस्या : इससे उत्पन्न चुनौतियाँ और उनके नए समाधान।” देशभर में जागरूकता अभियान, रैलियाँ, कार्यशालाएँ और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

लेख में विशेष रूप से युवाओं और किशोरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों के मित्र बनकर उनसे संवाद करें, उनके व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों पर ध्यान दें और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करें।

डॉ. गेडाम ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों को उपचार व पुनर्वास सेवाओं तक पहुँचाने में सहयोग करने का आह्वान किया। सहायता के लिए नशामुक्त भारत अभियान हेल्पलाइन 14446 उपलब्ध है।

#विश्व_नशानिरोधक_दिवस #नशामुक्त_भारत #DrugFreeIndia #26जून #युवाजागरूकता #नशेसे_सावधान #स्वस्थ_समाज #सत्यम_ग्राम_न्यूज़

ये भी पढ़े 

महनार: मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक, डीजे-हथियार वैन।

https://satyamgramnews.in/मुहर्रम-पर-शांति-और-सौहार/06/2026/21/22/36/07/satyamgramnewsnetwork/

AKHILESH KUMAR
Author: AKHILESH KUMAR

Editor in Chief