राजापाकर थाना अध्यक्ष के विरोध व भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकपा माले ने खोला मोर्चा 30 जुलाई को डीएम और एसपी के सामने करेंगे विरोध प्रदर्शन।

सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो वैशाली : जिले के राजापाकर थाना कांड संख्या 226/24 में निर्दोष गरीबों को फंसा कर गिरफ्तार करने, बड़े पैमाने पर गरीबों से पैसा वसूल करने धमकी देने की करवाई का भाकपा माले ने तीखा विरोध किया है। आज मंगलवार को राजापाकर थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर में ग्रामीण गरीबों की सभा प्रेम माझी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

सभा को संबोधित करते हुए माले के जिला सचिव विशेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि 25 जून 2024 को पोखरैरा गांव में विजय राम की 5 वर्षीय पुत्री काजल उर्फ आरती की मौत पुलिस के अग्निशमन वाहन से धक्का लगने के कारण हो गई थी। लाश को देखने सैकड़ो की तादाद में लोग थाना पहुंचे थे।

राजापाकर थाना की पुलिस बच्ची के मौत का प्राथमिकी नहीं दर्ज कर रही थी। इस वजह से लोगों ने विरोध किया था। थाना पर उपस्थित लोगों ने कोई हिंसात्मक कार्रवाई नहीं किया। उल्टे पुलिस वालों ने लाठी चार्ज करके कोई दर्जन लोगों को गंभीर रूप से घायल करके भगा दिया। इसके बाद थाना पर हमला करने का झूठा मुकदमा राजापाकर थाना कांड संख्या 226/24 दर्ज कर सैकड़ो निर्दोष गरीबों को इस कांड में फंसा कर बिदुपुर थाना के महेश्वरपुर गांव से प्रमोद सिंह वार्ड सदस्य, विकास कुमार शाह, मंजय राम, बबली देवी, गोलू कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

वही बैकुंठपुर मुसहरी के दर्जनों लोगों को धमकी देकर 30 /30 हजार रुपए नहीं देने पर गिरफ्तार करके जेल भेजने की बात कही गई है। श्री यादव ने पुलिस के इस कार्रवाई का तीखा विरोध करते हुए 30 जुलाई को डीएम एसपी के समक्ष प्रदर्शन कर इन निर्दोष लोगों को केश से मुक्त करने की मांग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजापाकरके विधायक सहित थाना क्षेत्र के कई गणमान्य लोग वाहन दुर्घटना में मरी 5 वर्षीय बच्ची के शव को देखने थाना पहुंचे थे, लेकिन केस में सिर्फ निर्दोष गरीबों को फसाया गया है।

सभा को माले पंकज ठाकुर, मोहम्मद इदरीश मंसूरी, दामोदर माझी, मंजू देवी, पूनम देवी, पानो देवी, मिंटू देवी, ललिया देवी, सुनीता देवी सहित अन्य लोगों ने संबोधित करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी का प्रतिरोध किया जाएगा।

ये भी पढ़े

भाकपा माले आह्वान पर वादा के अनुसार सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में छः हजार मासिक से कम आमदनी वाले गरीबों को बीस हजार देने की मांग।