विद्यार्थी सहयोग शिविर में दोपहर तक नहीं पहुंचे विद्यार्थी, सुमेरगंज में नोडल अधिकारी के देर से पहुंचने पर उठे सवाल

चेहराकलां (वैशाली)। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से बिहार सरकार की पहल पर मंगलवार को चेहराकलां प्रखंड में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। प्रखंड के सुमेरगंज स्थित सुरेश राय डिग्री कॉलेज परिसर और पीएम श्री ब्रह्मनन्द उच्च विद्यालय, सेहान परिसर में शिविर लगाया गया। हालांकि, सुमेरगंज स्थित शिविर में दोपहर तक एक भी विद्यार्थी के नहीं पहुंचने का मामला सामने आया। वहीं, सेहान में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम रही।

सुमेरगंज में 11:30 बजे पहुंचीं नोडल अधिकारी

सुमेरगंज स्थित सुरेश राय डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित शिविर में नोडल अधिकारी सुश्री प्रियंका करीब 11:30 बजे पहुंचीं। इस दौरान संवाददाता ने उनसे सवाल किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए लगाए गए शिविर में दोपहर तक एक भी विद्यार्थी क्यों नहीं पहुंचा और इसके पीछे क्या कारण हो सकता है। इस सवाल पर नोडल अधिकारी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

बताया गया कि नोडल अधिकारी करीब 12:30 बजे शिविर से प्रस्थान कर गईं। उनके पहुंचने से पहले स0 अ0 नी0 सुमन कुमार मौके पर मौजूद थे। शिविर में शिक्षा विभाग की ओर से रघुनाथ कुमार, विकास कुमार (डाटा ऑपरेटर), अजय कुमार (कौशल विकास, चेहराकलां) सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। कॉलेज के प्राचार्य अखिलेश कुमार भी शिविर में उपस्थित थे।

सेहान में विद्यार्थियों को पोर्टल की दी गई जानकारी

पीएम श्री ब्रह्मनन्द उच्च विद्यालय, सेहान परिसर में आयोजित शिविर में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। हालांकि, यहां नोडल पदाधिकारी कुमार गौरव विद्यालय में मौजूद बच्चों को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के संबंध में जानकारी देते नजर आए।

जब नोडल पदाधिकारी से विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि वे अपना कार्य करने के लिए ससमय उपस्थित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शिविर में दो आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें अग्रेतर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।

सेहान विद्यालय परिसर में वर्तमान प्रभारी प्राचार्य अखिलेश कुमार सिंह तथा अभय कुमार सहित संबंधित कर्मी मौजूद रहे।

विद्यालय खुला रहा, शिविर में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही कम

विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों को सुनकर उनका निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में शिविर के दौरान विद्यार्थियों की कम उपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

खासकर सुमेरगंज में दोपहर तक एक भी विद्यार्थी के नहीं पहुंचने से यह सवाल उठ रहा है कि विद्यार्थियों को शिविर की जानकारी देने और उन्हें अपनी समस्याएं लेकर शिविर तक पहुंचाने के लिए किस स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था।

वहीं, विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की मौजूदगी के बावजूद शिविर में उनकी अपेक्षित भागीदारी नहीं होना भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि विद्यार्थियों को शिविर की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाती और विद्यालय स्तर से उन्हें अपनी समस्याएं लेकर शिविर में आने के लिए प्रेरित किया जाता, तो संभवतः स्थिति अलग हो सकती थी।

व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत

विद्यार्थी सहयोग शिविर सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान कर उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाना है। ऐसे में शिविरों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना संबंधित विभाग और विद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार सरकार और शिक्षा विभाग को शिविरों की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों की भागीदारी की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी सहयोग शिविर अपने निर्धारित उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके।

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AKHILESH KUMAR
Author: AKHILESH KUMAR

Editor in Chief