शीर्षक : कलम की आवाज

लेखक : रमेश प्रसाद सिंह ‘पत्रकार’
आवाज कलम के जादुगर उठाई है अपनी आवाज से,
रोकना है तो रोक ले उनकी कदमों की आवाज से।
छूट जायेगा पसीना उनकी धमक की आवाज से,
कदम पे कदम बढता जायेगा कदमों की आवाज से।
शायद उनको फिक्र नहीं आवाज की ललकार से,
आ जायेगा तुफान जादुगर की उठाई आवाज से।
धरती अम्बर करें पुकार झुठी आडम्बर को दो आवाज,
पर पराई के भावों से उठी शहनाई की आवाजों से।
कलम के जादुगर उठाई है अपनी आवाज से,
रोकना है तो रोक ले उनकी कदमों की आवाज से।
वीणा की वादणी से उठी आवाजों से,
सर परस्ती की तमन्नाओ की आवाजों से।
हमेशा उठती है ललकारों की आवाजों से।,
कलम के जादुगर उठाई है अपनी आवाज से,
रोकना है तो रोक ले उनकी कदमों की आवाज से।
उनकी कदमों की आवाज में इतनी बुलंदी होती है,
कि झुठे आडम्बरों चकनाचूर करती है आवाजों से।
कलम के जादुगर उठाई है अपनी आवाज से,
रोकना है तो रोक ले उनकी कदमों की आवाज से।
ये भी पढ़े …
वैशाली : जिलाधिकारी को सर्वश्रेष्ठ जिला निर्वाचन पदाधिकारी का अवार्ड।
वैशाली : जिलाधिकारी को सर्वश्रेष्ठ जिला निर्वाचन पदाधिकारी का अवार्ड।
Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief
Post Views: 480