
सत्यम ग्राम न्यूज़,राजापाकर /वैशाली : बीएमडी कॉलेज दयालपुर में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी दशा और दिशा विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हिंदी विभाग द्वारा किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन एवं वक्ताओं के स्वागत के साथ किया गया.
मुख्य वक्ता के रूप में बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के मानविकी संकायाध्यक्ष एवं पूर्व हिंदी विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर सतीश कुमार राय ने हिंदी की दशा और दिशा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोई भी भाषा एक दिन में नहीं बनती. हिंदी भाषा संघर्षों की भाषा है .आज 18.4% पर्सेंट आबादी विश्व की हिंदी न केवल समझती है बल्कि लिखती और बोलती भी है. हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा तो मिला लेकिन राष्ट्रभाषा अब तक नहीं बनी. हिंदी आज अपनों से ही हारी हुई है. हिंदी संस्कृत की भाषा है उसके प्रति सजग नहीं है. बिना समर्थन के भी हिंदी भाषा बढ़ती गई है. हमें आज दिखाना होगा कि हिंदी वैश्विक भाषा है. इसका व्याकरण और इसकी लिपि वैश्विक है.

कार्यक्रम के संयोजक एवं महाविद्यालय के हिंदी विभाग अध्यक्ष एवं सुशंभीर कवि महर्षि अखिलेश ने व्याख्यान देते हुए कहा कि हिंदी समन्वय की भाषा है. हिंदी सबसे मिलती है और सबको अपने आप में मिलती है. हिंदी वह सदा निरा है जिसमें सभी भाषाओं के शब्द पावन शालिग्राम से चमकते हैं. जिसकी छांव में बैठकर पाठक जिस भाव और विचार की कल्पना करता है उसकी प्राप्ति होती है. विश्व के किसी भी महान ग्रंथ के समक्ष हिंदी के जातीय महाकवि गोस्वामी तुलसीदास का श्री राम चरित्र मानस महाकाव्य अपने भाव पक्ष और कला पक्ष की दृष्टि से हाथ भर खड़ा और बड़ा परीलक्षित होता है. हिंदी राष्ट्रभाषा और संपर्क भाषा तो है लेकिन अब तक राष्ट्रभाषा नहीं बन सकी यह घोर चिंता का विषय है. जबकि विश्व भाषा तक बनने की सारी संभावनाएं हिंदी में विद्यमान है.
अपने अध्यझीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर श्याम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि हिंदी हमारी अस्मिता है या भाषा नहीं भाव है व्यवहार है संस्कृति है. हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार करने का समर्थन करते हुए कहा कि इस सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करना होगा. संगोष्ठी में सभी विषयों के विद्वान, प्राध्यापकगण, शिक्षक, कर्मचारी एवं काफी संख्या में विद्यालय के छात्राओं की सहभागिता रही. मंच का संचालन हिंदी विभाग के अध्यापक डॉक्टर सुभाष कुमार ने किया .जबकि धन्यवाद ज्ञापन करते हुए हिंदी की प्राध्यापिका डॉक्टर पूजा कुमारी ने संगोष्ठी में उपस्थित समग्र हिंदी हितेशियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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रिपोर्ट :अखिलेश कुमार, सत्यम ग्राम न्यूज़ नेटवर्क
Author: AKASH CHANDRA VERMA
ब्यूरो चीफ, वैशाली