सत्यम ग्राम न्यूज़, पटना( बिहार) : भारतीय झंडा संहिता २००२ के अनुसार झंडा चाहे प्लास्टिक, सूती कपड़ा या पोलिस्टर के बनाई गई हो या हाथ से बुने हैँ उसे उपयोग कर सकते हैँ पहले ऐसा प्रवधान नहीं था आइये जानते है विस्तार से..
निजी वाहन पर तिरंगा लगा कर चलना वैध कैसे ? सभी लोगो को झंडा लगाने की अनुमति है? आखिर किसको है अनुमति …जान नियम क्या है…?
स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस : पर कई लोग अपनी कार या बाइक पर तिरंगा झंडा लगाए हुए दिखाई देते हैं. लेकिन हर किसी को ऐसा करने की इजाजत नहीं होता है | भारतीय झंडा संहिता २००२ के अनुसार केवल कुछ लोगों को अपने मोटर वाहन पर तिरंगा फहराने का कानूनी अधिकार है. किनको है अधिकार आइए जानते हैं उस लिस्ट में कौन-कौन है शामिल राष्ट्रीय फ्लैग कोड कहता है कि तिरंगे को कहीं भी लगाते वक्त उसकी केसरिया पट्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए. इसके अलावा फटा या मैला-कुचैला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए. १.राष्ट्रपति २. उप-राष्ट्रपति३.राज्यपाल ४ . उपराज्यपाल
भारतीय मिशन पदों के प्रमुख: प्रधानमंत्री,कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और संघ के उप मंत्री
किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री,लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपाध्यक्ष, लोकसभा के उपाध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषदों के अध्यक्ष, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभाओं के अध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषद के उपाध्यक्ष, राज्यों में विधानसभाओं के उपाध्यक्ष ,भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश ,उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश ,उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश |
नियम तोड़ने पर कितनी सजा का है प्रावधान : नागरिकों को घर पर तिरंगा फहराने या हाथ में झंडा लेकर चलने की आजादी है. लेकिन प्राइवेट गाड़ियों पर झंडा लगाना क़ानूनी अपराध है. अगर कोई व्यक्ति इसका दोषी पाया जाता है तो उसे पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसके अनुसार भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान करने पर व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं
घर पर झंडा लहराते समय इन बातों का रखे ख्याल : नियमों के अनुसार कोई भी सार्वजनिक या निजी संस्था, शैक्षिक संस्थान का सदस्य किसी भी दिन और किसी भी मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है. लेकिन जरूरी बात यह है कि जब भी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया जाए, तो उसे पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए. उसे उचित स्थान पर रखा जाना चाहिए. यानी कि ध्वज को जमीन पर या गंदी जगह पर नहीं रखा जाएगा. इसके अलावा फटा या मैला-कुचैला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए|
रात को राष्ट्रीय ध्वज नीचे उतारना होता है: पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही राष्ट्रीय ध्वज को फहराने की परमिशन थी, लेकिन 2022 में सरकार ने इस नियम में संशोधन किया था. नए नियमों के मुताबिक, अब झंडा फहराने के लिए समय की पाबंदी नहीं है|
स्कुल में झंडा तोलन में निम्नलिखित आदर्श अनुदेशों का पालन किये जाना चाहिए :
(१). स्कूलों में राष्ट्रीय झंडा फहराने, उसका अभिवादन करने तथा शपथ लेने आदि एवं स्कूल के विद्यार्थी एक खुले वर्ग की आकृति बनाकर इकट्ठे होंगे, जिसकी तीन भुजाओं पर विद्यार्थी खड़े होंगे और चौथी भुजा के बीच में ध्वज दंड होगा। प्रधानाध्यापक, मुख्य छात्र और झंडे को फहराने वाला व्यक्ति (यदि वह प्रधानाध्यापक के अलावा कोई दूसरा हो) झंडे के डंडे से तीन कदम पीछे खड़े होंगे।
(२.) छात्र कक्षा क्रम से दस-दस के दल में (अथवा कुल संख्या के अनुसार किसी दूसरे हिसाब से) खड़े होंगे। ये दल एक के पीछे एक रहेंगे। कक्षा का मुख्य छात्र अपनी कक्षा की पहली पंक्ति की दाईं और खड़ा होगा और कक्षा अध्यापक अपनी कक्षा की अंतिम पंक्ति से तीन कदम पीछे बीच की ओर खड़ा होगा। कक्षाएं वर्ग की आकृति बनाते हुए इस प्रकार खड़ी होंगी कि सबसे ऊंची कक्षा दाइ ओर रहे और बाद में उतरते क्रम से अन्य कक्षाएं आएं।
(३ .) हर पंक्ति के बीच कम से कम एक कदम (30 इंच) का फासला होना चाहिए और इतना ही फासला हर कक्षा के बीच में होना चाहिए।
(४.) जब हर कक्षा तैयार हो जाए, तो कक्षा का नेता आगे बढ़कर स्कूल के चुने हुए छात्र नेता का अभिवादन करेगा। जब सारी कक्षाएं तैयार हो जाएं, तो स्कूल का छात्र नेता प्रधानाध्यापक की ओर बढ़कर उनका अभिवादन करेगा। प्रधानाध्यापक अभिवादन का उत्तर देगा। इसके बाद झंडा फहराया जाएगा। इसमें स्कूल का छात्र नेता सहायता कर सकता है।
(५.) स्कूल का छात्र नेता जिसे परेड (या सभा) का भार सौंपा गया है, झंडा फहराने के ठीक पहले परेड को सावधान (अटेंशन) हो जाने की आज्ञा देगा और झंडे के लहराने पर अभिवादन करने की आज्ञा देगा। परेड कुछ देर तक अभिवादन की अवस्था में रहेगी और फिर “आर्डर” का आदेश पाने पर सावधान (अटेंशन) अवस्था में आ जाएगी।
(६.) झंडा अभिवादन के बाद राष्ट्रगान होगा। इस कार्यक्रम के दौरान परेड सावधान (अटेंशन) अवस्था में रहेगी।
(७.) शपथ लेने के सभी अवसरों पर शपथ राष्ट्रगान के बाद ली जाएगी। शपथ लेने के समय सभा सावधान (अटेंशन) अवस्था में रहेगी। प्रधानाध्यापक औपचारिक रूप से शपथ दिलाएंगे और सभा उनके साथ-साथ शपथ दोहराएगी।
(८.) स्कूलों में राष्ट्रीय झंडे के प्रति निष्ठा की शपथ लेते समय निम्नलिखित कार्य विधि अपनाई जाएगी :-
हाथ जोड़कर खड़े हुए सभी लोग निम्नलिखित शपथ दोहराएगें :– “मैं राष्ट्रीय झंडे और उस लोकतंत्रात्मक गणराज्य के प्रति निष्ठा की शपथ लेता/लेती हूं जिसका यह झंडा प्रतीक है।”
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief