9 अप्रैल 2024 से हिंदू नववर्ष शुरू हो रहा है. माता दुर्गा जी का आगमन घोड़ा जो शुभ नही जबकि प्रस्थान हाथी पर हो रहा है जो शुभ फल देने वाला होता है।

सोनपुर । अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 01 जनवरी 2024 नए साल की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन सनातन धर्म के हिंदू नव वर्ष का आगाज चैत्र महीने के प्रतिपदा से शुरू होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 9 अप्रैल यानी आज चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि मंगलवार को आज से शुरू हो रहा है। मालूम हो कि सनातन धर्म के अनुसार यह ऐसा समय होता है, जब पूरी पृथ्वी नए रूप में निखर रही होती है। जब पतझड़ के बाद पेड़ पौधे बसंत ऋतु में प्रवेश कर रहे होते हैं और उनके सूखे पत्तों की जगह नए-नए हरे-भरे पत्ते उग रहे होते हैं। कोयल की कु कु की मीठी वाणी से लोग मोहित हो जाते है । चैत्र का महीने में बसंत ऋतु का आगमन होता है। चैत्र माह और हिन्दू नव वर्ष का पहला त्यौहार नवरात्रि पड़ता है। जिसमें 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूर्ण श्रद्धा से पूजा की जाती है।
बाबा हरिहरनाथ मन्दिर के मुख्य अर्चक सुशील चंद्र शास्त्री ,पवन शास्त्री ने सोमवार को बताया प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को देर रात 11 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी जो 9 अप्रैल को संध्या काल ৪ बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी। हिन्दू धर्म में उदया तिथि का ही मान होता है। इसलिए नवरात्र के घट स्थापना 9 अप्रैल यानी आज मंगलवार से शुरू हो गया । भक्तगण अपने घर, देवस्थान में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6 बजकर 24 मिनट से लेकर 10 बजकर 28 बजे तक करेगे । इसदिन अभिजीत मुहूर्त में अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत का निर्माण हो रहा है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से शुरू होगा जो कि 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। साथ ही अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में मंगलवार को प्रातः 7 बजकर 32 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा। यह घट पूरे नौ दिन स्थापित रहेगा। इस दिन स्नानादि के बाद पवित्र मन से जमीन पर साफ सफाई कर कलश में जल भरकर कलावा लपेटकर आम व अशोक के पत्ते रखकर ऊपर नारियल को लाल वस्त्र में लपेट कर पूजा स्थान पर रख दें। इसके बाद धूप दीप जलाकर माता जी का आह्वान कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना प्रारम्भ करें। माता जी का आगमन इस नवरात्र में घोड़ा पर हो रहा है, जो शुभ फल देने वाला नही होता है, देश में प्राकृतिक आपदा व सत्ता परिवर्तन का योग बनता है लेकिन माता का प्रस्थान हाथी पर हो रहा है जो शुभ फल देने वाला होता है।
Author: SANJEET KUMAR
संवाददाता,सोनपुर