वैशाली जिले मे धूमधाम से निकला रामलला का शोभा यात्रा|

दो किलोमीटर की लंबी दुरी तय कर शोभायात्रा श्रीराम-जानकी मठ के सिंहद्वार से निकलकर शोभा यात्रा जैसे ही रोड पर आया विशाल जन सैलाब शोभा यात्रा में शामिल हो गए। भीड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राम जानकी मठ स्थान के मुख्य गेट से बाजार स्थित रामजानकी मंदिर की दो किलोमीटर दूरी तय करने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा। पातेपुर बाजार स्थित श्री रामानंदपुरी मंदिर में पालकी आने के बाद वैदिक अनुष्ठान शुरू हुआ। पूजा-अर्चना के बाद भगवान को अधिवास कराया गया। रामनवमी दिन से अगले छह दिनों तक भगवान यहां अधिवास करेंगे। छठे दिन यहां भगवान राम चारों भाईयों की छठी महोत्सव इसी तरह धूमधाम से मनाया जाएगा। शोभा यात्रा के दौरान डीएसपी सुमन शुरभ, एसडीएम चंद्रीमां आतरी, बीडीओ मनोज कुमार, सीओ प्रभात कुमार, थानाध्यक्ष शिवेंद्र नारायण सिंह एवं पातेपुर पुलिस मुस्तैद थी। भारी संख्या में साधु संतों के साथ ही स्थानीय भाजपा विधायक लखेंदर पासवान, दीक्षा गुरुप आफ कम्पनी के निदेशक समाजसेवी अमित कुमार उर्फ मिंटु सिंह व्यापार मंडल अध्यक्ष गणेश राय, नगर पंचायत अध्यक्ष सनोज पासवान राजकुमार सिंह, लाक्ष्मण सिंह, प्रवीण कुमार, सिंह, मोहम्मद छोटे,अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के वरिष्ठ प्रखंड उपाध्यक्ष महेश साह, कुंदन शर्मा, अरविंद कुमार राय, वैद्यनाथ पासवान, भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अशोक राय सहित बडी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे। महोत्सव का सैंकडों वर्ष पुराना इतिहासरहा है। पातेपुर स्थित श्रीराम जानकी मठ सैंकडों वर्ष पुराना है। जिले के समृद्ध मंदिरों में से यह एक है। मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण,
जगत जननी मां जानकी व भक्त वीर हनुमान की स्वप्रादूर्भूत भव्य विग्रह है। यह मंदिर न केवल सनातन धर्मावलंबी बल्कि रामानंदी संप्रदाय के संत-साधुओं के लिए तीर्थस्थल, महाधाम से कम नहीं है। खास कर रामनवमी व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।


इसी के साथ पातेपुर में शुरू हुआ रामनवमी मेला भगवान राम जन्म महोत्सव के साथ ही पातेपुर बाजार स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में लगने वाला एक माह का रामनवमी मेला शुरू हो गया है। मेला में सैंकड़ों दूकानें लग गई है। खास तौर पर चुड़ी,लकडी, फर्नीचर,मुना बज़ार , हरेक माल की दर्जनों दुकानें, स्टॉल लग गई है। प्रचंड गर्मी के बावजूद मेला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड उमड पडी।

AKHILESH KUMAR
Author: AKHILESH KUMAR

Editor in Chief