लोकतंत्र के महापर्व में मतदताओं के चुप्पी से खुल गयी प्रत्याशी की पोल|

सारण/सोनपुर : सारण संसदीय क्षेत्र में पांचवा चरण के 20 मई को मतदान होना है। सारण जिले में कुल 14 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। लोकतंत्र के महापर्व में इस बार के चुनाव में मतदाताओं में उत्साह पूर्ण रूप से देखने को नहीं मिल रहा है। चौक चौराहा हो या किराने की दुकानों पर भी चुनावी चर्चाएं उतनी नहीं हो रही है जिस तरह से पहले होती थी । मतदाता भी चुप्पी साधे हुए हैं ।

जिसके कारण मतदाता के चुपी साधने से प्रत्याशियों एवं उनके समर्थको के दिन तो दिन रात में भी पसीना छूट रहा है। प्रत्याशी भी विकास के मुद्दा को गौण करते हुए जाति, पार्टी और धर्म के राजनीतिक के खेल खूब खेल रहे हैं जिससे मतदाता के भी प्रत्याशियों के प्रति नराजगी झलक रही है ।मतदाताओं ने बताया कि लोकतंत्र के महापर्व में मत देना मेरा अधिकार है । वही दूसरी ओर सभी दल के नेताओ,प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार अपने समर्थकों व कार्यकताओं के साथ शहर से लेकर गाँव का दौरा करते हुए अपने –अपने पक्ष में वोट डालने के लिए मतदाताओं को समझने- बुझाने में लग गए हैं लेकिन हर पार्टी के कार्यकर्ता के उनके बातो को मतदाता सुनकर मौन रहकर हा में हा कर रहे हैं।

प्रत्याशी व उनके कार्यकर्ताओ ,समर्थको के क्षेत्र के दौरा और उनके मेहनत से इस कड़ी धूप का असर मतदताओं को भी नही पड़ रही है। हर दल के नेताओं के लोक लुभावनी बातो से मतदताओं को भरोसा उठ गया है इसलिए उनके सम्पर्क करने या नहीं करने से मतदताओं को फर्क नहीं पड़ रही है। जनता जनार्दन का कहना है कि क्षेत्र के विकास होगा नही, होगा भी तो खानापूर्ती के रूप में । इन नेताओ से न वेरोजगरी दूर होगी, न भरस्टाचार कम, न महंगाई, न विकास तो फिर क्यों सुने इनके लोक-लुभावने वाली बातें और क्यो करे इनके बातों पर विश्वास । क्षेत्र के नौजवानों ने बताया कि न नई कॉलेज खुलतीं है, न क्षेत्र में कल करखाना खुल रहा है, न रोजगार के साधन उपलब्ध हैं, पढ़े लिखे वेरोजगार युवक दर -दर के ठोकर खा रहे हैं, मजबूरी में परिवार के भरण पोषण के लिए 500 –2500 किलोमीटर दूर रह कर अपना जीवन दुखमय जीकर परिवार चला रहे है। अगर यहाँ रोजगार की व्यवस्था रहती तो कम मजदूरी में काम नहीं करते ।

मतदाताओं का यह भी कहना है कि यहाँ के प्रत्याशियों की इस गम्भीर समस्याओं पर ध्यान क्यो नही होती । इस वार मतदताओं को लोकतंत्र के महापर्व में उतनी दिलचसवी प्रत्याशी के लेकर नही दिख रही है लेकिन लोकतंत्र के महापर्व को वेरुखी से निभाने के लिए अपना मत अपना अधिकार को लेकर देश व राज्य हित के लेकर मतदाता अपना वोट आवश्यक डालने के लिए उत्सुक दिखते नजर आ रहे हैं।


अब देखना यह है कि इस बार के लोकसभा की चुनाव में बिहार में जिस तरह से 2019 में मतदाताओं ने 40 में 39 सीट बीजेपी गठबंधन को दी थी । इस बार मतदाता क्या गुड खिलाएगी यह तो आने वाला समय 4 जून को ही मतदाताओं के चुपी की पोल खुलेगी ।


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SANJEET KUMAR
Author: SANJEET KUMAR

संवाददाता,सोनपुर