
सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो, वैशाली : सदगुरु कबीर साहब का 626 वा प्राक्टय महोत्सव का आयोजन कबीर मठ आश्रम राजापाकर के परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कबीर आश्रम के महंत ज्ञान प्रकाश शास्त्री के अध्यक्षता में किया गया । जिसमें झंडोत्तोलन एवं दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि सदगुरु कबीर साहब समता मूलक समाज के संस्थापक थे एवं संसार में वाह्य आडंबर फैला हुआ है उसको समाप्त करने के लिए हमेशा तत्पर रहे।कबीर साहब का जन्म 1398 ईस्वी में भारत भूमि के वाराणसी जिला के लहरतारा धाम में हुआ था।
अंतिम अवस्था में मजहर जाकर उन्होंने अपने शरीर को त्याग किया । शरीर त्यागने के बाद उनके पार्थिव शरीर के स्थान पर दो कमल पुष्प बना हुआ मिला।इन दो कमल पुष्पों को हिंदू और मुस्लिम भाइयों ने बाटकर हिंदू मंदिर एवं मुस्लिम मस्जिद का स्थापना किया।जो दोनों मंदिर मस्जिद वर्तमान में अभी भी मौजुद है। उन्होंने कर्म की प्रधानता का हमेशा समर्थन किया। उनके अनेक वाणी आज भी प्रासंगिक है ।उनके वाणीयों में कबीरा जब तुम पैदा हुए जग हंसे तुम रोए ऐसी करनी कर चलो तुम हंसो जग रोए। सदगुरु कबीर साहब को अक्षर ज्ञान नहीं था लेकिन उनका आध्यात्मिक ज्ञान संसार में सर्वश्रेष्ठ है।अपने ज्ञान के माध्यम से ही लाखों भक्त जनों को उपदेश दिया और भजन के माध्यम से समाज में ज्ञान का प्रकाश दिया।उन्होंने हमेशा समाज में व्याप्त अंधविश्वासी कुरीतियों का विरोध किया तथा कहा कि सभी एक बनो नेक बनो।
मौके पर बिहार बंगाल यूपी के अनेक जिलों से अनेक साधु, संत, महात्मा, भक्तजन, सेवक उपस्थित हुए।उपस्थित लोगों में यूपी से केदार गोसाई, बंगाल से महंत महेश साहब, रामबालक साहब ,प्रेम साहब, दिनेश साहब ,नगीना गोसाई, राम ललित गोसाई, हरिशंकर प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार, सीताराम सिंह, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह सहित अनेक लोग शामिल हैं।