say no to single use plastics!

नो सिंगल यूज प्लास्टिक पर विद्यालय के बच्चों क़ो किया गया जागरूक।
सत्यम ग्राम न्यूज़ संवाददाता,गोरौल : समर कैंप के सातवें दिन के थीम say no to single use plastics के अनुसार उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोदीपुर गोरौल पर शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की अगुवाई में स्कूली बच्चों ने अनेक प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया।
चेतना सत्र के प्रारंभ में बच्चों ने विद्यालय प्रांगण के अलावा विद्यालय के अगल-बगल सड़क किनारे फेके गए प्लास्टिक के थैले, प्लास्टिक ग्लास ,प्लास्टिक के रैपर्स, प्लास्टिक की बोतलों को एकत्रित किया।
इस कार्य में बाल संसद की प्रधानमंत्री काजल कुमारी, छात्रा श्वेता, स्नेहा, रिद्धि, मानसी, सत्यम, रवि रंजन,सुकेश,अनुष्का,अनामिका, सन्नी के साथ-साथ शिक्षिका रिंकू कुमारी एवं ज्योति भारती भी शामिल हुई।

वहीं चेतना सत्र के दौरान शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों सहित सभी शिक्षकों को स्वच्छ भारत हरित भारत हरित शपथ दिलवाई शपथ के दौरान बच्चों ने शपथ के रूप में पृथ्वी एवं उसके प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने की पूरी कोशिश करने, ऐसी आदतें अपनाने जिसेसे संसाधनों की कम से कम बर्बादी हो सके, उपयोग कर चुके संसाधनों का पूर्ण उपयोग करने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, प्लास्टिक बैग की जगह कागज के थैले और कपड़े के झोले का इस्तेमाल करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने, कचरा कम फैलाने, स्वच्छता के नियमों का पालन करने एवं ऊर्जा और पानी का संरक्षण करने का संकल्प बच्चों ने लिया।
इसी कड़ी में वर्ग आठ की छात्रा खुशबू कुमारी एवं सोनाक्षी कुमारी ने आपसी तालमेल से विद्यालय की दीवारों पर समर कैंप की थीम say no to single use plastics को चित्र के माध्यम से दर्शाने का खूबसूरत प्रयास किया। इसके लिए दीवारों पर रंगीन चॉक से चित्र बनाकर सभी बच्चों सहित शिक्षकों को भी प्रभावित किया। विद्यालय के बगल में स्थित सामुदायिक भवन की दीवारों पर भी खुशबू और सोनाक्षी के द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने संबंधित स्लोगन लिखे गए एवं चित्र भी बनाए गए ।
मौके पर प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने कहा कि लगभग प्रतिदिन चेतना सत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को लेकर बच्चों से चर्चा की जाती है।
कार्यक्रम में शिक्षक सुनील कुमार ठाकुर, आनंद कुमारी ,विभा रानी, विपिन कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने को लेकर की गई गतिविधियों की सराहना की एवं इसको अपने दैनिक जीवन में शामिल करने का सलाह भी दिया ।