राजापाकर में पांच अखाड़ा का मोहर्रम का निकाला जुलूस शांति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय का उड़ा धज्जी।

सत्यम ग्राम न्यूज़ ब्यूरो, वैशाली : हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम का पर मुहर्रम मनाया जाता है। मंगलवार को नवमी तिथि को प्रखंड क्षेत्र में चार-पांच अखाड़े का जुलूस के साथ ताजिया सिपल निकाला गया। जिससे राजापाकर प्रखंड मुख्यालय की बाजार में घंटों अखाड़ा वाले खेल वगैरह दिखाते रहे और लोगों की जमघट लगी रही।हालांकि मोहर्रम कोई त्यौहार नहीं है बल्कि एक मातम दिन है। लेकिन लोग इसे मातम के बदले जश्न के रूप में मनाते हैं।

मातम के रूप में शिया और सुन्नी मुसलमान के लोग इसे 10 दिनों तक मानते हैं। हालांकि मोहर्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन अलर्ट है। जुलूस में चौकीदारों की नियुक्ति की गई है। बताते चले की बुधवार को दसवीं तारीख है जिसमें दिन और रात में जुलूस निकालने के बाद पलायन कर मोहर्रम पर्व का समापन होता है वैसे प्रतिवर्ष शांति समिति की बैठक में मोहर्रम में डीजे नहीं बजाने घातक हथियार लेकर नहीं चलने का निर्देश दिया जाता है लेकिन इस तरह के निर्देश का पालन होता नहीं है। सभी अखाड़ों के गाड़ी पर दो चार डीजे ही बज रहे थे। ऐसा देखा गया।

बताते चले की मोहर्रम पर्व को लेकर मुसलमान के बीच उल्लास बना है। बुधवार की रात्रि में मखदूम साहब के कब्रगाह पर सभी ताजिया सिपल का फूल उताकर पैगंबर मकदूम साहब के कब्र पर चढ़ा दिया जाता है और इस समय से समापन समझा जाता है। राजापाकर थाना क्षेत्र में राजापाकर पश्चिम टोला का अखाड़ा राजापाकर दर्जी टोला का अखाड़ा बसवारी टोला एवं जहींगरा बैकुंठपुर आदि का अखाड़ा ताजिया सिपल के साथ निकाला जाता है जिससे हजारों की संख्या में भीड़ लगी रहती है।