गाड़ा उत्कृमित मध्य विद्यालय मे नियोजित शिक्षक के आकस्मिक निधन से शोक की लहर।

सत्यम ग्राम न्यूज़ संवाददाता, पातेपुर : प्रखण्ड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गाड़ा में नियोजित शिक्षक दिनेश ठाकुर के इलाज के क्रम में आकस्मिक निधन से परिवार समेत पातेपुर के शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई है.गांव में भी उनके निधन से लोग मर्माहत है.प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनेश ठाकुर 2007 में नियोजित शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।

बीमारी को लेकर मेडिकल छुट्टी लेकर हाजीपुर एवम पटना से इलाज करा रहे थे थोड़ा ठीक होने पर स्कूल में भी सेवा दे रहे थे एक सप्ताह पूर्व पुनः स्थिति खराब होने पर पटना में उनका इलाज चल रहा था.। अचानक बुधवार को उनकी स्थिति बिगड़ी और रात्रि में दम तोड़ दिया.जैसे ही उनके निधन की सूचना मिली गांव में मातमी सन्नाटा छा गया.परिजनों में कोहराम मच गया.सुबह में ही लोगों को देखने की भीड़ जुटने लगी।

मृतक शिक्षक के तीन पुत्री जिनकी शादी कर चुके थे एक पुत्र सौरव कुमार का अभी शादी नही हुआ है .मृतक के पिता स्व आचार्य बुलाकी ठाकुर जो हाई स्कुल बखरी दोआ से रिटायर्ड होने के बाद एक दशक पहले ही उनका देहांत हो चूका है.जैसे ही उनके पुत्र दिनेश ठाकुर गुरुवार की निधन की सूचना मिली गांव में शोक की लहर दौड़ गई.देखने वालों की भीड़ सुबह से ही उमड़ने लगी.पातेपुर के शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गया।

प्रखंड के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों ने एक मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.दिनेश ठाकुर शिक्षक बनने से पूर्व भी समाज सेवा के प्रति काफी दिलचस्पी लेते थे उनकी पत्नी भी दभइच पंचायत के पूर्व पंचायत समिति सदस्य रह चुकी है।

उनके अंतिम दर्शन के लिए गांव के गण्यमान मुखिया वीरेंद्र राय,सरपंच श्याम चौधरी ,पूर्व मुखिया देवेंद्र राय पूर्व सरपंच त्रिभुवन चौधरी,शिक्षक नेता झुनिलाल पंकज,सीताराम राय,ब्रह्मदेव राय,अजय कुमार सिंह,उमेश कुमार,विश्वनाथ यादव,अभिनंदन राय,दभइच मध्य विद्यालय के शिक्षक अरविंद प्रभाकर,अशोक गुप्ता,राजीव रंजन चौधरी,जितेंद्र चौधरी,रविन्द्र राय,विकास मित्र उमेश राम, पूर्व पंचायत समिति सदस्य उमेश पासवान,जाप नेता श्रवण कुमार,नरेश राय,आदि ने आकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दिया.वही मुखिया वीरेंद्र कुमार राय उर्फ बीरू ने तत्काल कबीर अंत्येष्टि की राशि प्रदान किया।

मृतक के भतीजे,चंदन कुमार,एवम पठान कुमार उर्फ अविनाश ने बताया कि चाचा थोड़ा ठीक होने पर विद्यालय जाना प्रारंभ कर दिए थे अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और इलाज के क्रम में उन्होंने दम तोड़ दिया।

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Author: NAGENDRA RAY