महुआ निबंधन कार्यालय के कातिब को अपरहण कर लूटे 5 लाखः महुआ में स्कॉर्पियो पर जबरन बिठाया, कुछ देर बाद उतरकर भागा तो बीच-बाजार पिटाई कर छोड़ा |

सत्यम ग्राम न्यूज़ , पटना( बिहार ) : प्रदेश के वैशाली जिले के महुआ में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महुआ में दिनदहाड़े निबंधन कार्यालय के एक कातिब को अपरहण करने की कोशिश की जब विफल हुआ तो उसे बेरहमी से पीटा और लगभग 5 लाख रुपए लूटकर भाग गया। पिटाई से घायल हुए कातिब को महुआ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाँ प्राथमिक उपचार के वाद हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया है हलाकी परिजन अस्पताल पहुच पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ इलाज चल रहा है कातिब ने किसी तरह स्कॉर्पियो से कूद कर अपनी जान बचा ली इस तरह से अपनी जान बचा ली है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा कि महुआ रजिस्ट्री ऑफिस में लगभग 5 वर्षो से कार्य कर रहे प्राइवेट कातिब सुजीत कुमार उर्फ सुमन बैंक का लिंक फेल होने के कारण 5 लाख रुपया अपनी बाइक की डिक्की में रखकर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान तरौरा पेट्रोल पंप के पास स्कॉर्पियो सवार अपराधी ने उसे आगे से घेर लिया और डिक्की में रखे हुए लगभग पांच लाख लूट लिए। उसके बाद अपराधियों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी और अपनी कार में बैठा कर उसको अगवा कर ले जाने लगे। इसी बिच
गाड़ी जैसे ही महुआ बाजार में पहुंची तो सुजीत कुमार उर्फ सुमन किसी तरह गाड़ी का गेट खोलकर वहां से भागने लगा। इस दौरान अपराधियों ने पीछा किया और बीच बाजार में ही उसकी जमकर पिटाई की और बाद में उसे छोड़कर गाड़ी लेकर भाग गए।
घायल सुजीत कुमार को स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए महुआ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है वहीं पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और बाजार में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है।
क़्या प्रेम प्रसंग मामला में हुआ कातिब पर हमला!
राजापकार थाना क्षेत्र से एक लड़की क़ो प्रेम प्रसंग में सुजीत के साला ने भगाई जिसके कारण लड़की के परिजनों ने बहनोई सुजीत सिन्हा उर्फ़ सुमन क़ो अगवा कर मारपीट किया एवं घायल अवस्था में बीच बजार में छोड़ा , कातिब से 5 लाख रुपए लूटने का मामला प्रकाश में आया है।
घायक कातिब की पहचान महुआ थाना क्षेत्र के जहाँगीरपुर सल्खान्नी निवासी अशोक प्रसाद सिन्हा के 37 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार उर्फ सुमन के रूप में हुई है |
हालांकि की इस घटना के संदर्भ में थाने में किसी प्रकार का आवेदन नहीं दिया गया है।
Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief