
चेहराकलां, सत्यम ग्राम न्यूज़ : चेहराकलां प्रखण्ड मे आयोजित वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल जी 708वी जयंती में अखिलेश पासवान महुआ अनुमंडल महासचिव जन सुराज पार्टी एवं चेहरा कलां प्रखंड के पूर्व प्रखंड प्रमुख इंद्रजीत प्रधान तथा अन्य जनसूराज साथियों के साथ सम्मलित होकर बाबा बीर चौहरमल जी के तैल चित्र पर श्रद्धांसुमन अर्पित किया गया और पूर्व प्रखंड प्रमुख इंद्रजीत प्रधान ने महासभा को सम्बोधित करते हुए बिहार में बदलाव के उद्देश्य से जन सुराज के पाँच प्रमुख उद्देश्यों से सभा मे उपस्थित लोगो को अवगत करवाएं |

बाबा चौहरमल के व्यक्तित्व और कृतित्व का अनुशरण करने की हमे आवश्यकता है| बाबा चौहरमल नैतिकता, मानवता, त्याग और शक्ति के प्रतिमूर्ति थे। बाबा चौहरमल का व्यक्तित्व और कृतित्व के अनुसार जब भी मान-सम्मान की रक्षा की बात आती है, बाबा चौहरमल बरबस ही स्मृति में आ जाते है। 
यादि हमें आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गैर- बराबरी से लड़नी है तो बाबा चौहरमल की तरह संगठित रूप से एकता बद्ध हो कर इज़्ज़त और हक़ के लिए लड़ना होगा।
उनकी शिक्षा है कि अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल मत करो, अपनी ज्ञान और ताक़त हमेशा समाज-हित में लगाओ, आलस और नशा से दूर रहो, स्त्री का सम्मान करो,प्रेम और एकता से रहो,घमंड मत करो, परिश्रम करो,स्वाभिमान से रहो, इज़्ज़त से जियो, अत्याचार कभी मत सहन करो, न्याय का समर्थन करो, मेल-मिलाप से रहो,दुसरो की रक्षा एवं मदद सदैव करो| इन्हीं संकल्पों एवं जनसुराज के पांच प्रमुख बिन्दुओं के साथ “नये बिहार का निर्माण” हमारा लक्ष्य है।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief