पीआर कॉलेज क़े आक्रोशित परीक्षार्थियों एवं विद्यार्थियों ने प्रशासन के खिलाफ लगाए मुर्दाबाद के नारे…

सत्यम ग्राम न्यूज़ / सोनपुर : प्रखंड क़े एक मात्र पूर्वोत्तर रेलवे डिग्री कॉलेज क़े मंगलवार को स्थानीय प्रशासन के द्वारा शील कर देने के बाद महाविद्यालय के सारे कामकाज ठप हो गया। जिसके बाद गुरुवार को जय प्रकाश विश्वविद्यालय के स्नातक पार्ट-2 सत्र 2021-24 और 2022-25 की परीक्षा के परीक्षार्थी एडमिट कार्ड लेने कॉलेज पहुंचे।
जहाँ कॉलेज बंद मिला। जब विधार्थियो को जनकारी मिला कि महाविद्यालय को प्रशासन ने शील कर दिया है. इसके बाद विद्यार्थी द्वारा जब प्रिंसिपल को फोन किया गया तो उन्होंने कहां कि प्रशासन ने कॉलेज को सील कर दी है जिसके बाद छात्र छात्राएं के बीच आक्रोश का माहौल बन गया।
इस तरह क़े घटना क़े जनकारी मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक यशवंत कुमार ने मौके पर पहुँच कर भारी मशक्क्त क़े बाद पुलिस बल क़े सहयोग से एडमिड कार्ड वितरण कराया । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक यशवंत कुमार ने जनकारी देते हुए यह भी बताया कि राजनीतिक के शिकार होने के कारण यह डिग्री कॉलेज जो सोनपुर प्रखंड क्षेत्र में एकमात्र कॉलेज है। 1978 में रेलवे प्रशासन के द्वारा क्षेत्र क़े विधार्थियो क़े भविष्य को देखते हुए इस स्थल पर कॉलेज खोला गया था
जिससे इस क्षेत्र के छात्र छात्राओं का पठन-पाठन सही रूप से चल रहा था लेकिन विगत कुछ वर्ष पहले रेलवे प्रशासन ने अपने भूमि को खाली करने का आदेश दिया लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि व कॉलेज क़े कर्मियों की लापरवाही के कारण अन्य जगहों पर कॉलेज का निर्माण नहीं हुआ। यहां के जनप्रतिनिधि बच्चों के भविष्य को अंधकारमय करते हुए कूटनीति चल चली है जिसके कारण यह डिग्री कॉलेज बंद हो गई है। जिससे विद्यार्थियों को पठन-पाठन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि छात्र छात्राएं ने गुस्से में आकर सोनपुर डीआरएम आफिस का घेराव करते हुए रेलवे प्रशासन मुर्दाबाद का नारे बाजी करने लगे जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने बाहर आकर छात्र छात्राएं से वार्ता किया और उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया कि हम लोग कुछ नहीं कर सकते और मेरे अंदर का बात नहीं महाविद्यालय बिहार सरकार चलाती वो जाने हम लोग कुछ नहीं जानते हैं।
और न हीं हम एडमिट कार्ड वितरण कर सकते हैं। जिसके बाद काफी मकसद के बाद छात्र छात्राएं आक्रोश को देखते हुए बाद महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर राजकिशोर को बुलाया गया फिर छात्र छात्राएं का एडमिट कार्ड वितरण करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि मेरा पास जगह नहीं है और न ही व्यवस्था है।जिसके बाद छात्र छात्राएं के आक्रोश को शांति पूर्वक सोनपुर थाना प्रभारी के माध्यम से महाविद्यालय में प्रशासन के मदद से छात्र छात्राएं के बीच रोड पर ही 1000 परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड वितरण किया गया। यशवंत कुमार सहित दर्जनों लोगो ने कहा कि मामला महाविद्यालय प्रशासन और रेलवे का है तो इसमें छात्र छात्राएं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
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बतादे कि 18 मार्च 25 को प्रशासन ने कॉलेज के 7 कमरे सील किए थे। 22 अप्रैल को कॉलेज सील करने पहुंची टीम को धरना प्रदर्शन के कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी थी।फिर पुरे कॉलेज को मंगलवार को शील कर दिया। रेलवे के अनुसार, पीआर कॉलेज 1978 से रेलवे की जमीन पर बिना वैध करार के चल रहा था। सोनपुर स्टेशन के विस्तार और यात्रियों की सुविधा के लिए इस जमीन की जरूरत है। यह भी बतादे कि 21 अक्टूबर 1978 को तत्कालीन रेल मंत्री मधु दंडवते ने कॉलेज का उद्घाटन किया था। यह भवन पहले एक चर्च था। रेलवे से मान्यता नहीं मिली। 2009 में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने मान्यता दिलाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी कारणों से संभव नहीं हो सका। कॉलेज बंद होने से करीब 4 हजार छात्रों का भविष्य अधर में है। सोनपुर प्रखंड में यह एकमात्र डिग्री कॉलेज है। इसके बंद होने से इलाके के छात्रों को बड़ी परेशानी होगी। उपस्थित विधार्थियो ने प्रशासन से मांग किया है कि जब तक नया कॉलेज नहीं बनता, तब तक इसके संचालन की अनुमति दी जाए। एडमिट कार्ड वितरण कराने में महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर राजकिशोर सिंह,पप्पू राय,जय मंगल राय, प्रोफेसर धनंजय सिंह ,निशा कुमारी राजीव कुमार,प्रिया कुमारी, पिंकी कुमारी,नितिश कुमार, राहुल कुमार,रोहित कुमार,हैप्पी कुमार,रोहित कुमार साथ राजनंदनी कुमारी निशा कुमारी निखिल कुमार के साथ हजारों के संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
Author: SANJEET KUMAR
संवाददाता,सोनपुर