रूटीन के अनुसार कक्षाएं नहीं लेने, मोबाइल उपयोग और शैक्षणिक व्यवस्था में लापरवाही के आरोपों पर कार्रवाई; दो शिक्षिकाओं को निंदा की सजा..

चेहराकलां/हाजीपुर (वैशाली) पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बखरी दोआ की शिक्षण एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर जिला शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार सरकार के एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली ‘सहयोग पोर्टल’ पर दर्ज शिकायत संख्या REF603466 एवं REF668779 की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, वैशाली द्वारा अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है।
विभागीय कार्रवाई में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह (सिन्हा) को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। वहीं तीन विशिष्ट शिक्षकों मो. साबिर अली, मो. सज्जाद एवं मो. नेसार अहमद के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।
तीन शिक्षकों पर वृहत दंड के लिए विभागीय कार्रवाई
विभागीय आदेश के अनुसार तीनों शिक्षकों पर आरोप है कि वे रूटीन के अनुसार कक्षाओं का संचालन नहीं कर रहे थे तथा निर्धारित शिक्षण अवधि में प्रतिदिन छह कक्षाओं का संचालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा शिक्षण अवधि में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बिना अपेक्षित शिक्षण कार्य किए वेतन प्राप्त करने से संबंधित आरोप भी जांच में सामने आए।
इन आरोपों के मद्देनजर बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 एवं बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत वृहत दंड के लिए अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।
मामले की विस्तृत जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) को जांच पदाधिकारी तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, चेहराकलां को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। विभाग ने निर्धारित अवधि में जांच पूरी कर अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक को प्रभार से हटाने का निर्देश
विद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था में अपेक्षित नियंत्रण नहीं पाए जाने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह (सिन्हा) को प्रभार से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) को निर्देश दिया गया है कि विद्यालय में किसी अन्य शिक्षक को तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
दो शिक्षिकाओं को ‘निंदा’ की सजा
विद्यालय में छोटे बच्चों को साथ लाने के मामले में विज्ञान की शिक्षिका ज्योति कुमारी और संस्कृत की शिक्षिका रीमा कुमारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
शिक्षिकाओं ने अपने स्पष्टीकरण में बताया था कि विद्यालय में क्रैच अथवा शिशु गृह की व्यवस्था नहीं होने और बच्चों के कम उम्र का होने के कारण वे विवश होकर बच्चों को विद्यालय लेकर आती थीं।
जांच रिपोर्ट में बच्चों के स्टाफ रूम में रहने तथा टिफिन के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा उन्हें गोद में लेने की बात सामने आई। हालांकि विभाग ने मामले को जानबूझकर की गई गंभीर अनुशासनहीनता के बजाय पारिवारिक विवशता से जुड़ा माना।
इसके बावजूद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए दोनों शिक्षिकाओं तथा प्रभारी प्रधानाध्यापक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी के रूप में ‘निंदा’ का दंड दिया गया है।
नाबालिग छात्राओं की तस्वीर प्रकाशित करने के मामले में भी कार्रवाई
मामले में विद्यालय की नाबालिग छात्राओं की तस्वीरें समाचार माध्यम में प्रकाशित किए जाने से संबंधित शिकायत भी सामने आई थी। शिकायत में बाल अधिकार एवं POCSO से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया गया था।
उपलब्ध विवरण के अनुसार जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, वैशाली की ओर से संपादक को नोटिस जारी कर नाबालिग बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं करने तथा भविष्य में ऐसी तस्वीरों को प्रकाशित करते समय आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया। इसके बाद संबंधित संपादक की ओर से लिखित माफी दिए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने पूर्व में हुई स्थलीय जांच की प्रक्रिया पर असंतोष जताया था। ग्रामीणों का आरोप था कि जांच के दौरान अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का पर्याप्त पक्ष नहीं सुना गया और बंद कमरे में बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की थी। अब जिला शिक्षा विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षकों के कार्य निष्पादन को लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।
विभाग का स्पष्ट संदेश
जिला शिक्षा कार्यालय की कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, निर्धारित कक्षाओं का संचालन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में लापरवाही को विभाग गंभीरता से ले रहा है।
हालांकि, विभागीय कार्रवाई में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों को संबंधित आदेश एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। अंतिम विभागीय निर्णय के बाद ही प्रत्येक आरोप की जिम्मेदारी को अंतिम रूप से निर्धारित किया जा सकेगा
“विद्यालयी व्यवस्था में लापरवाही पर विभाग सख्त—पीएम श्री बखरी दोआ में कार्रवाई से मचा हड़कंप”
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बीडीओ ने प्रभारी एचएम व आरोपित शिक्षकों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने शिकायतकर्ता, छात्रों व अभिभावकों से जानकारी नहीं लेने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। कथित वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief