सत्यम ग्राम न्यूज़, वैशाली : बिहार, झारखण्ड ,उत्तरप्रदेश के लोकप्रिय लोक आस्था का महापर्व का पहला अर्द्ध डूबते सूर्य को छठ वर्तियों ने दिया, कल सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही चारदिवशीय महापर्व छठ का समापन हो जायेंगे|
दीपावली के बाद से लगातार पर्व होने का शिलशिला जारी हो जाता है गोभार्धन पूजा, भैइया दूज उसके बाद चार दिवशीय लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत होता है छठ व्रती पहले नहाया खाय, उसके बाद खरना, इसके बाद डूबते सूर्य को नदी, तलाब के किनारे अर्ध्य देती है उसके बाद अंत मे उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देती है उसी के साथ सम्पन्न हो जाता है लोकआस्था का महापर्व छठ|
ये साल मे दो बार होता है एक चैती छठ दूसरा कार्तिक माह मे इसका विशेष महत्व होता है जिसके कारण सभी हिन्दू परिवार इस पर्व को बहुत हीं साफ सफाई और पवित्र मन से पूजा अर्चना करते है| इस पर्व मे परिवार के सभी लोगो नया नया कपड़ा पहन कर घाट पर जाते है.।
ऐसी मान्यता है की इस पर्व को करने बाले लोगो को मनोकामना पूर्ण होता है। ये पर्व पवित्र मन से श्रद्धांपूर्वक मनाया जाता है यही वह पर्व है जिसमे पंडित मंत्र नहीं पढ़ते बल्कि छठ गीत से शुरुआत होता है और छठ गीत से हीं समापन होता है। इस पर्व को मानने के लिए अपने घर से बहार रोजी रोजगार से छुट्टी लेकर घर आ जाते है।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief