सत्यम ग्राम न्यूज़,राजापाकर। आपदा कोष से अनुग्रह अनुदान के संबंध में जानकारी देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद प्रकाश व अंचलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अंचल कार्यालय द्वारा आपदा कोष से नदी में डूबने से होने वाली मौत, बरसात के दिनों में ठनका वज्रपात से होने वाली मौत व सर्प डंसने पर मौत हो जाने पर अंचल कार्यालय से चार लाख रूपये अनुदान के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर अनुमंडलाधिकारी को भेजा जाता है। जहां से आवेदन स्वीकृत व कागजी प्रक्रिया पूरे होने के बाद आपदा कोष से चार लाख रूपये की राशि अंचल कार्यालय द्वारा लाभुक को दी जाती है।
आपदा कोष से अनुग्रहअनुदान पाने के लिए लाभुक को विभिन्न दस्तावेज भी अंचल कार्यालय में जमा करने पड़ते हैं। जिसमें अनुग्रह अनुदान हेतु लाभुक को थाने में दर्ज सन्हा की प्रति , अंचलाधिकारी से प्राप्त पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड हस्ताक्षरित, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बैंक डिटेल आदि छह तरह के कागजात अंचल कार्यालय में जमा करने पर अनुदान राशि को स्वीकृत करते हुए अनुमंडल में भेजा जाएगा। किसी भी दलाल के चक्कर में लाभुक नहीं रहें और न ही इधर-उधर भटकें।स्वयं उक्त कागजात के साथ अंचल कार्यालय में संपर्क करें अभिलंब उन्हें अनुदान के लिए लिखा जाएगा। वहीं सड़क दुर्घटना अनुदान के लिए जिला परिवहन विभाग के यहां आवेदन करना होगा। वहीं बिजली करंट से मौत पर बिजली विभाग अनुदान की राशि देती है।
विदित हो कि आपदा कोष से अनुदान के लिए लोग दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं। उनके द्वारा लाभुक से मोटी रकम वसूली जाती है। बिचौलिए को पैसा नहीं मिलने के कारण अंचल कार्यालय में आवेदन समय से भी नहीं पहुंच पाता है नतीजेतन लाभुक को समय पर अनुग्रहअनुदान नहीं मिल पाता है। इस संबंध में सीओ गौरव कुमार ने बताया कि लाभुक किसी दलाल के चक्कर में नहीं पड़ें स्वयं अंचल कार्यालय में संपर्क करें ताकि शीघ्र उनके अनुदान की राशि का भुगतान किया जा सके।
बाढ़ आने अथवा बरसात के दिनों में सांप के डंस से मौत होने पर अनुग्रह अनुदान मिलते थे परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है। किसी भी स्थिति में सांप के डंस से मरने वालों के लाभुक को अनुग्रह राशि दिए जाते हैं।
ये भी पढ़े…
सांप काटने से स्नेक कैचर की दर्दनाक मौत, इलाके मे शोक की लहर।
Author: AKASH CHANDRA VERMA
ब्यूरो चीफ, वैशाली