
राजापाकर, सत्यम ग्राम न्यूज़। राजापाकर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में रास्ते की मांग को लेकर विद्यालय के पूरब स्थित चकराजो गांव एवं इस गांव के आसपास के टोले के दर्जनों दलित महादलित महिला पुरुषों ने हल्ला हंगामा किया।लोगों ने कहा कि जब तक हमें सड़क नहीं मिलेगी विद्यालय के गेट को बंद करने नहीं देंगे एवं गेट के नजदीक बना रहे नवनिर्मित भवन को बने नहीं देंगे।
विदित हो कि इस गांव व टोले के लगभग 5 हजार दलित महादलित लोगों की आबादी है। जहां के लोगों के आने-जाने का इसी विद्यालय परिसर होकर मुख्य गेट तक रास्ता है जो रास्ता लगभग 50 वर्षों से भी अधिक ग्रामीण प्रयोग करते रहे हैं। लेकिन विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यालय के चारों तरफ बाउंड्री कराकर एक मुख्य रास्ता आने-जाने का छोड़ा गया था उसे भी बंद करने को लेकर लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया।
वही विद्यालय के प्रधान विजय कुमार ने बताया कि उच्च पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि रास्ते को बंद कर दिया जाए ताकि विद्यालय सुरक्षित रहेगा। जिसके आलोक में गेट को बंद करने कार्रवाई की जा रही थी। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इस गेट के नजदीक शिक्षा विभाग के द्वारा विद्यालय के लिए कमरे के निर्माण के लिए दो दिन पहले जेसीबी से गड्ढा खुदाई कर निर्माण कार्य चल रहा था। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए एवं आज सुबह 9 बजे गांव के सैकड़ो महिला पुरुष विद्यालय परिसर में जमा हो हल्ला हंगामा करने लगे औऊ बताया कि हम लोगों को जब तक रास्ता नहीं मिलेगा भवन बनने नहीं देंगे न ही गेट को बंद करने देंगे।
घटना की सूचना पाकर थानाध्यक्ष वीणा कुमारी सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने का काम किया लेकिन सड़क की मांग कर रहे दर्जनों महिला पुरुष उनकी एक बात मानने को तैयार नहीं हुए उसके बाद 1 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद प्रकाश थानाध्यक्ष वीणा कुमारी विद्यालय के प्रधान विजय कुमार व पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मुकेश पटेल के बीच प्रधानाध्यापक कक्ष में इस मुद्दे पर बात हुई।
उसके बाद सर्वसम्मति बनी की निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया जाए एवं दो-चार दिन में स्थानीय लोगों की बैठक बुलाई जाए सभी की सर्वसम्मती से जो निर्णय होगा वही किया जाएगा। उसके बाद जेसीबी मशीन से मकान बनाने के लिए खोदे गए गढो को भर दिया गया उसके बाद आक्रोशित लोग माने एवं हल्ला हंगामा खत्म कर दिया। ज्ञात हो की चकराजो ग्राम के लोगों कि सड़क की भारी समस्या है।
हर बार चुनाव में वे सभी जन प्रतिनिधियों से सड़क के निर्माण एवं रास्ता की मांग करते हैं लेकिन हर बार उन्हें जनप्रतिनिधि धोखा देते हैं और चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। जिससे वर्षों की उनकी मांग आज तक अधूरी है।
इस गांव व टोले में किसी महिला पुरुष की तबीयत खराब होने पर गर्भवती महिलाओं का प्रसव होने पर लोग उसे खाट पर लादकर अपने घर से मुख्य सड़क 2 किलोमीटर की दूरी तय कर लाते हैं तब वह अस्पताल को जाते हैं।सड़क की उनकी मांग सही है। लेकिन विद्यालय प्रशासन भी अपने उच्च पदाधिकारी के निर्देश के अनुसार विद्यालय के गेट को बंद करने को विवश हैं।
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Author: AKASH CHANDRA VERMA
ब्यूरो चीफ, वैशाली