
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर विशेषज्ञों की चेतावनी — बदलती जीवनशैली, तनाव और प्रदूषण बढ़ा रहे हृदय रोगों का खतरा
लेखक : – डॉ. प्रितम भि. गेडाम की कलम से..
सत्यम ग्राम न्यूज़ : 17 मई को मनाए जा रहे विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026 के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर के मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। लेखक एवं स्वास्थ्य जागरूकता विशेषज्ञ डॉ. प्रितम भि. गेडाम ने अपने विशेष आलेख में कहा है कि उच्च रक्तचाप आज दुनिया की सबसे खतरनाक “साइलेंट किलर” बीमारियों में शामिल हो चुका है, लेकिन लोग अभी भी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण, मिलावटी भोजन, तनावपूर्ण जीवनशैली, फास्ट फूड, धूम्रपान, शराब और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी आदतें हाई ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा रही हैं। यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों — हृदय, किडनी और मस्तिष्क — को नुकसान पहुंचाती रहती है। कई लोगों को इसकी जानकारी तब होती है जब हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति सामने आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य रक्तचाप 120/80 से कम होना चाहिए, जबकि लगातार 140/90 या उससे अधिक रहने पर व्यक्ति को हाइपरटेंशन का मरीज माना जाता है। अनियमित दिनचर्या, अधिक नमक और तैलीय भोजन, देर रात तक जागना तथा तनाव इस बीमारी के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
लेख में लोगों से अपील की गई है कि वे नियमित ब्लड प्रेशर जांच करवाएं, संतुलित आहार लें, व्यायाम करें और नशे से दूरी बनाए रखें। समय पर इलाज और जागरूकता ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief