मर्यादा आधारित धर्म की सत्ता स्थापित करने के लिए हुआ था श्रीराम का अवतरण – संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा

सोनपुर, सत्यम ग्राम न्यूज़। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के हरिहरक्षेत्र में चरण चिह्न पड़े इसके प्रमाण मौजूद हैं। सारण और वैशाली जिले के चप्पे -चप्पे उनकी मौजूदगी की गवाही दे रहें हैं। जब श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर सीता स्वयंवर में शामिल होने जा रहे थे तो विशालपुरी के तत्कालीन राजा सुमति ने उनका स्वागत किया था।
रात्रिकालीन बेला में श्रीराम ने संध्योपासना की थी.यहां सोनपुर के लोक सेवा आश्रम में ‘युगबोध’ साहित्य संस्था के बैनर तले आयोजित “हरिहरक्षेत्र और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम”विषयक विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उपरोक्त बातें कहीं. इस अवसर पर हरिहरक्षेत्र तीर्थ और मेला पर उल्लेखनीय योगदान के लिए सोनपुर के एक दर्जन पत्रकारों और छायाकारों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. साथ ही युवा गीतकार अजय कुमार की प्रकाशित लघु पुस्तक “लिख रहा गीत नए जमाने का” का भी लोकार्पण किया गया. समारोह के मुख्य अतिथि बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष व लोकसेवा आश्रम के व्यवस्थापक महंत संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने कहा कि हरिहरक्षेत्र के चप्पे -चप्पे में श्रीराम का वास है. इस धरा -धाम पर उनका अवतरण भी मर्यादा आधारित धर्म की सत्ता स्थापित करने के लिए हुआ था.।
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सुरेन्द्र मानपुरी कर रहे थे जबकि संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वनाथ सिंह ने किया. विचार गोष्ठी को कवि मधुमंगल सिंह ने काव्य पाठ “गंगा और गंडक का संगम हरिहर क्षेत्र महान”, भूतपूर्व सैनिक शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि पुराणों में 96 वर्ग मिल जिसमें पश्चिम गंडकी, दक्षिण गंगा, उत्तर नेपाल की तराई और पश्चिम कोशिकी तट। गहन सर्वेक्षणोपरात दो साक्ष्य एक विश्वामित्र श्रीराम लक्ष्मण का मिथिला गमन, विष्णु पुराण का साक्ष्य है कि मिथिला क्षेत्र के चौहद्दियों में हरिहर का नाम है।
आनंद रामायण में हरिहरक्षेत्र में श्रीराम के गंगा गंडक संगम या गंगा नारायणी संगम की तीर्थयात्रा का जिक्र है. अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराह पुराण में हरिहरक्षेत्र का वर्णन है. आनंद रामायण में वर्णन है.अधिवक्ता अभय कुमार सिंह ने भगवान श्री राम के बताए रास्ते पर चलने के लिए संकल्प का दिन बताया । अधिवक्ता नंद किशोर शर्मा, पत्रकार शंकर सिंह, ठाकुर संग्राम सिंह, नित्यानंद सिंह, भाजपा नेता उपेन्द्र सिंह, अधिवक्ता राम मूरत शर्मा, नरेशु सिंह आदि ने अपने संबोधन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के हरिहरक्षेत्र से गुजरने के साक्ष्य के रुप में वाल्मीकि रामायण को सर्वोत्तम ग्रन्थ बताया. इस मौके पर पुस्तक लेखक गीतकार अजय कुमार ने अपनी पुस्तक पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर संत शिरोमणि बाबा विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा को युगबोध की ओर से अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया जबकि हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला और हरिहरक्षेत्र के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास में अपनी लेखनी से अनवरत योगदान के लिए सुरेन्द्र मानपुरी, विश्वनाथ सिंह,शंकर सिंह, नंद किशोर शर्मा, ठाकुर संग्राम सिंह, अभय कुमार सिंह,संजीत कुमार,विपिन कुमार सिंह, एस पी सिंह, मनीष कुमार, वैभव कुमार सिंह, छायाकार दमोदर को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. इस मौके पर ब्रज किशोर शर्मा, साकेत सिंह चौहान उर्फ अन्नू जी, प्रमोद यादव,मुकेश कुमार शर्मा,सत्तन शर्मा, मनसुख शर्मा, सुबोध कुमार सिंह, लाला कुमार, विजय कुमार राय आदि की मौजूदगी रही. अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सक्रिय सदस्य राजू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ये भी पढ़े…
RAJAPAKAR : दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने हेतु शिविर मे नहीं आये आंख के डॉक्टर
https://satyamgramnews.in/राजापाकर-दिव्यांग-प्रमा/04/2025/07/20/45/47/satyamgramnewsrajapakar1/
Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief