
“स्मार्ट मीटर योजना से बढ़ी बेरोजगारी, हजारों विद्युत कर्मियों का भविष्य संकट में”
सत्यम ग्राम न्यूज़,हाजीपुर/पटना।बिहार राज्य ग्रामीण विद्युत फ्रेंचाइजी कामगार संघ (RRF&MRC संघ) ने राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना लागू करने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि इस योजना के कारण 2013 से रूरल रेवेन्यू फ्रेंचाइजी योजना के अंतर्गत कार्यरत हजारों कर्मियों की नौकरी पर संकट उत्पन्न हो गया है।
संघ अध्यक्ष शंकर कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि फ्रेंचाइजी योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मी पिछले 12 वर्षों से घर-घर जाकर मीटर रीडिंग, बिलिंग और राजस्व वसूली का कार्य कर रहे हैं। लेकिन अब सरकार द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने के कारण इन कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
संघ का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, विपक्ष के नेता सहित सभी उच्च पदाधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। संघ ने यह भी बताया कि मई 2024 में पूरे बिहार में फ्रेंचाइजी कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई, जिससे हजारों परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
संघ ने 23 जुलाई 2025 को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग, मीडिया हाउस और उच्च न्यायालय को भेजा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 5 अगस्त 2025 तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो सभी कर्मी मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे और बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।
शंकर कुमार ने बताया कि इस निर्णय से न सिर्फ कर्मियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है, बल्कि बिजली राजस्व वसूली की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। संघ ने सरकार से अपील की है कि वे इन प्रशिक्षित कर्मियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief


