बस्ती सरसीकन के उत्क्रमित मध्य विद्यालय का मामला; बच्चों की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए वीडियो का दृश्य प्रकाशित नहीं किया गया

चेहराकलां/वैशाली। वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड अंतर्गत बस्ती सरसीकन पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों से जूठी थालियां धुलवाने का मामला सामने आया है। 16 अक्टूबर को विद्यालय परिसर में चापाकल पर बर्तन धोते बच्चों का दृश्य संवाददाता के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद विद्यालय की व्यवस्था और बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मौके पर मौजूद रसोइयों ने बताया कि बच्चे ही अपनी जूठी थालियां धोते हैं। वहीं, कुछ बच्चों ने संवाददाता को बताया कि प्लेट साफ नहीं करने पर उन्हें मार पड़ने और शिक्षकों की डांट का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
बच्चों की निजता को प्राथमिकता
जूठी थाली धोते नाबालिग बच्चे का दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड होने के बावजूद उसके माता-पिता या अभिभावक की अनुमति प्राप्त नहीं होने के कारण संबंधित तस्वीर प्रकाशित नहीं की जा रही है। सत्यम ग्राम न्यूज़ बच्चों की पहचान, निजता और गरिमा को ध्यान में रखते हुए तस्वीर के प्रकाशन से परहेज कर रहा है। समाचार का उद्देश्य किसी बच्चे की पहचान सार्वजनिक करना नहीं, बल्कि विद्यालय की व्यवस्था से जुड़े सवालों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना है।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति पर सवाल
ग्रामीणों की शिकायत पर विद्यालय पहुंचे संवाददाता को कार्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापिका मौजूद नहीं मिलीं। उपस्थित शिक्षिकाओं में से एक ने बताया कि वह दवा लेने घर गई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभारी प्रधानाध्यापिका हाजिरी बनाने के बाद अक्सर विद्यालय से चली जाती हैं। हालांकि, इन आरोपों की विभागीय जांच आवश्यक है।
इस संबंध में एक वरिष्ठ शिक्षक से फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि वह अवकाश पर हैं और प्रभारी प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति के बारे में संबंधित अधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापिका से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं किया जा सका।
बच्चों ने नियमित पढ़ाई नहीं होने की भी कही बात
विद्यालय परिसर में कुछ बच्चे कंचे खेलते हुए भी नजर आए। बातचीत के दौरान दो-तीन बच्चों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध करते हुए बताया कि शुरुआत में लगभग एक घंटे पढ़ाई होती है, इसके बाद कक्षा में नियमित रूप से विषयवार पढ़ाई नहीं होती। बच्चों ने मध्याह्न भोजन के बाद घर चले जाने की बात भी कही।
बच्चों ने यह आरोप भी लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें शिक्षकों द्वारा डांटने और मारपीट की धमकी दी जाती है। संवाददाता ने उन्हें माता-पिता से सलाह लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने की जानकारी दी।
मध्याह्न भोजन प्रभारी ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बात
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से संपर्क करने पर कर्मचारियों ने बताया कि पदाधिकारी किसी कार्य से बाहर गए हुए हैं। वहीं, प्रखंड के मध्याह्न भोजन प्रभारी ने कहा कि यदि रसोइयों द्वारा बच्चों से जूठी थालियां धुलवाई जाती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। मामले की जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच और जवाबदेही जरूरी
इस पूरे मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि बच्चों से जूठी थालियां किस परिस्थिति में धुलवाई जा रही थीं, प्रभारी प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति के दौरान विद्यालय की जिम्मेदारी किसके पास थी और बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से क्यों नहीं हो रही थी। बच्चों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है।
फिलहाल, प्रभारी प्रधानाध्यापिका का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। संबंधित आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी। शिक्षा विभाग से अपेक्षा है कि मामले की जांच कर विद्यालय की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और बच्चों के सम्मान, सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करे।
सत्यम ग्राम न्यूज़ संबंधित पक्षों का जवाब और जांच की प्रगति मिलने पर खबर को अद्यतन करेगा।
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Author: AKHILESH KUMAR
Editor in Chief