पातेपुर राम जानकी मठ में चार दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेंगे राज्यपाल।

वैशाली/पातेपुर नगर पंचायत स्थित श्री राम जानकी मठ का इतिहास वैशाली जिला के लिए गौरवपूर्ण रहा है। 1124वीं ईस्वी में जीर्णोधार हुए रामानंद संप्रदाय पद्धति से संचालित इसका संबंध देश की आजादी में लड़ाई के साथ आजादी के बाद केंद्र एवम राज्य सरकार के साथ भी गहरा संबंध रहा है। इस मठ में ऐसे तो विश्व कल्याणार्थ वर्ष में कई धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम आयोजित की जाती है। मुख्य रूप से इस मठ का दो धार्मिक कार्यक्रम लोकप्रियता को संजोये रखा है।इस मठ में सदियों से चली आ रही सावन में चलने वाली पांच दिवसीय झूलन उत्सव उत्तर बिहार के लिए अद्वितीय आकर्षक का केंद्र होता है। सावन शुक्ल पक्ष एकादशी से पूर्णिमा तक चलने वाली पंच दिवसीय अनुष्ठान में शास्त्रीय संगीत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है।सदियों से चली आ रही है इस मठ में झूलनोत्सव समारोह में देश के आजादी के बाद कुछ खास रहा है। आजादी के कुछ दशक बादइस झूलनोत्सव समारोह में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री से लेकर बिहार एवम यू.पी. एम. पी. झारखंड विधान सभा या विधान परिषद के कई सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद होते हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री जन नायक कर्पूरी ठाकुर के साथ, राम सुंदर दास, बिहार सरकार के पूर्व विधान सभा अध्यक्ष सह बिहार सरकार विजय चौधरी, विधान परिषद अध्यक्ष देवेश चंद्र ठाकुर, कर्पूरी ठाकुर के पुत्र सह राज्य सभा सदस्य रामनाथ ठाकुर, केंद्र एवम राज्य सरकार के सचिव स्तर आई.ए. एस. अधिकारी, कई जिला के पदाधिकारी, पूर्व डीजी पी गुप्तेश्वर पांडे, डी. जी. सुशील मानसिंह खोपडे, पूर्व डी. डी. आई. जी. पारस नाथ, आई. जी. ललन मोहन प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधियों के साथ यू, पी. एवम एम. पी. एवम बिहार के कई हिस्सों से आए साधु संत महंत इसमें शामिल हो चुके हैं। वहीं ढाई सदियों के पूर्व से चली आ रही राम नवमी के अवसर पर होने वाली पातेपुर मठाधीश के अगुआई में निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा में वैशाली जिला के साथ पास पड़ोस के कई जिलोंके सैंकड़ों श्रद्धालु इस शोभा मे 14से 17 अप्रैल 2024 तक आयोजित समनवमी पर होगी विशेष एतिहासिक कार्यक्रमइस संबंध में पातेपुर युवराज महंत सह नागा अध्यक्ष बाबा विश्व मोहन दास ने बताया किजन नायक कर्पूरी ठाकुर जब अपने पैतृक गांव पितौझिया से पटना जाते थे। तो कुछ देर के लिए हनुमान जी का दर्शन करने के लिए आ जाते थें। महंत स्वामी रामानंद जी के साथ बहुत गहरी लगाव थी। सत्तर के दशक मे गुरुदेव सामाजिक और राजनीतिक के क्षेत्र में कई कार्य किए। मिथिला क्षेत्र के गौरव की बात है कि एक मिथला पुत्र को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। इनके नाम पर तीन कट्ठा जमीन कर्पूरी पुस्तकालय के नाम से पातेपुर बाजार में दी गई है । 17 अप्रैल 24 को रामनवमी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। अवसरपर मठ परिसर में सनातन संस्कृति के अनुसार 111 फिट का भव्य मंदिर का निर्माण किया है। एक वर्ष से तैयारी हो रहे नूतन मंदिर में श्री राम लला को विराजमान किया जाएगा। राम लला के नूतन मंदिर में प्रतिष्ठा समारोह को लेकर आमंत्रण पत्र भेजी जा रही है। इस दौरान भारत रत्न जन नायक कर्पूरी ठाकुर के परिवार को बिहार के राज्यपाल विश्वनाथ अलंकेश्वर् के साथ देश के कई वी. वी.आई. पी., वी. आई.पी. एवम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार के कई हिस्सों से साधु संत महंत और कई समाजसेवी को आमंत्रित किया गया है। 14अप्रैल को कलश यात्रा, पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश,16को रामचर्या एवम शाम में भंडारा का आयोजन किया जाएगा ।

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Author: NAGENDRA RAY