सौ वर्षो के बाद आपराधिक क़ानून मे हुआ बदलाव एक जुलाई से आपराधिक क़ानून हुआ|

सत्यम ग्राम न्यूज़ संवाददाता ,गोरौल : सौ वर्षो के बाद आपराधिक क़ानून मे बदलाव किया गया है जो आज एक जुलाई से लागु हो गया। थाना क्षेत्र का आनाकानी को भी नई क़ानून मे खत्म किया गया है। घटना का आबेदन कोई भी थाना क्षेत्र ले सकता है और उसे संबंधित थाना को तक्षण संबंधित थाना को भेज देगा। सोमवार को गोरौल थाना पर नये आपराधिक कानूनों की जानकारी के लिये एक बैठक बुलायी गयी थी। इस बैठक मे एस एच ओ अरविन्द कुमार ने नये कानूनों के प्रावधानो की जानकरीब दी गयी।

महिला और बाल अपराध से संबंधित जानकारी अवर निरीक्षक पुष्पलता कुमारी और शिवम कुमारी ने दी.। वही अपर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने भी बदले गये आपराधिक धाराओं की जानकारी दी गयी। अब कोई भी पीड़ित ब्यक्ति थाना के वाटशॉप या ई -मेल पर भी अपनी फरियाद को दर्ज करा सकते है, लेकिन तीन दिनों के भितर थाने पर आकर अपना हस्ताक्षर आवेंगे पत्र पर करना अनिवार्य है। नये पुराने कानूनों मे कुच्छ मे बड़ी कठोरता को कम किया गया है। वही कुच्छ मे कठोरतम कानूनी करवाई की बात कही गयी। है।

न्यायालय को भी कार्रवाई के लिये सीमा क्षेत्र मे रखा गया है वही पुलिस अनुसंधानको को भी किसी भी मामले मे समय सीमा पर चारसिट न्यायालय को समर्पित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस मौके पर प्रमुख मुन्ना कुमार, सीओ अंशु कुमार, एस आई अभय कुमार, शैलेन्द्र कुमार सिंह के अलावे पंचायत प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी सहित अन्य लोग शामिल थे।

आम जनों को दी गई एक जुलाई से लागू हुए तीन नए आपराधिक कानून..

MANISH KUMAR
Author: MANISH KUMAR